ग्राम प्रधान पद के चुनाव से पहले ही डिडौली कोतवाली क्षेत्र का गांव कनपुरा सुलग उठा है। रंजिश में 36 घंटे में यहां दो बार हुई फायरिंग और खूनी संघर्ष हो चुका है।
इसके बाद भड़की पुलिस ने एसपी की अगुवाई में पहुंचकर गांव में दोनों गुटों के आरोपियों के यहां दबिश दी। इस दौरान जमकर लाठियां भांजीं। आरोपियों के घरों में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने पांच लोगों को उठाया भी है।
पुलिस की मारपीट से दहशतजदा तमाम लोग गांव छोड़कर भाग गए हैं। इससे गांव में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। गांव में तैनात पुलिस किसी भी व्यक्ति को गांव में आने नहीं दे रही है। हाल यह है कि गांव में महिलाओं, बच्चों के अलावा कोई ग्रामीण नहीं है, पुलिस के डर से पूरा गांव भयभीत है।
कनपुरा गांव में रविवार-सोमवार को रंजिश में दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया था। डिडौली कोतवाली पुलिस ने इस घटना को हल्के में लेकर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
पुलिस की लापरवाही से सोमवार सुबह एक बार फिर दो गुटों में फायरिंग के साथ ही खूनी संघर्ष छिड़ गया। इसमें करीब छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही की कोई अनहोनी घटना नहीं हुई।
इस घटना के बाद पुलिस ने गांव के दोनों गुटों की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिए। इधर, सोमवार को पूरी रात गांव में पुलिस तैनात रही। मंगलवार को अपरान्ह एसपी संजीव त्यागी कनपुरा गांव में सर्किल के डिडौली, रजबपुर, अमरोहा देहात और कोतवाली कीपुलिस फोर्स को साथ लेकर दबिश देने पहुंचे।
गांव में पहुंचते ही पुलिस की कार्रवाई शुरू हो गई, जो मिला उसे लठियाया गया। पुलिस ने करीब पांच लोगों को जबरन खींचकर गाड़ी में डाल लिया।
आरोप है कि, कई घरों में तोड़फोड़ की, किवाड़ें और तख्त तोड़ दिए गए। पुलिस की कार्रवाई से दहशत में आए ग्रामीण गांव से भाग गए। करीब एक घंटे तक पुलिस दोनों गुटों के लोगों की तलाशती रही।
अब गांव में महिलाओं और बच्चों के अलावा अत्यधिक वृद्ध लोग ही बचे हैं। पुलिस तैनात होने के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। गांव में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल पैदा हो गया है।
मीडिया कर्मियों के फोटो डीलिट कराए
एसपी संजीव त्यागी ने कनपुरा गांव में पुलिस कार्रवाई के फोटो खींचने पहुंचे मीडिया कर्मियों को भी नहीं बख्शा, दो फोटो ग्राफर से उनके कैमरे छीनकर पुलिस कार्रवाई के फोटो डीलिट कर दिए और गांव से भगा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीण और दहशत में आ गए हैं।