नौगावां सादात थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने पति की मृत्यु के
बाद डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव हरियाना के अबरार से शादी की थी। आरोप
है कि सौतेला पिता महिला की नाबालिग बेटी पर बुरी नियत रखता था। इस कारण
महिला ने दूसरे पति का घर छोड़ दिया था और बेटी को अमरोहा में एक रिश्तेदार
के घर रखकर मदरसे में दाखिला दिला दिया था। एक दिन अबरार रिश्तेदार के घर
से किशोरी को मां की बीमारी का बहाना करके साथ ले गए और कई दिन तक अपने साथ
रखा और रुपये लेकर किशोरी को कई लोगों के सामने डाल दिया।
13 जुलाई 2013
को महिला ने बेटी को तलाश लिया और कोतवाली में अबरार समेत चार लोगों के
खिलाफ गैंग रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अबरार को तो जेल भेज दिया
जबकि अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। डेढ़ साल तक चली विवेचना में कोतवाली
पुलिस ने आरोपी आनंद धोबी पुत्र काशीराम निवासी गांव रामनगर डिडौली,
योगेंद्र पुत्र गुरबचन सिंह, इंद्रपाल पुत्र मुखराम निवासी गांव नेकपुर
मंडी धनौरा का जुर्म खारिज कर दिया।
लेकिन अगस्त माह में एडीजे प्रथम
रमाकांत मिश्र ने तीन सितंबर तक आरोपियों को अदालत में तलब किया था। इसके
विरुद्घ आरोपी हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने आरोपियों की याचिका खारिज कर
तीन सप्ताह में कोर्ट में समर्पण करने के आदेश दिए। शनिवार को आंनद धोबी और
इंद्रपाल ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। दोनों को अदालत से जेल भेज दिया
गया है।