इस मामले में शिक्षिका के मायके वालों ने पति समेत परिवार के पांच लोगों
के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर
पीएम को भेज दिया है। गांव पहुंचे मायके वालों ने हंगामा भी किया।
संभल
जिले के बहजोई थाना क्षेत्र के गांव आनंदपुर निवासी नौबत सिंह ने बेटी
भगवानदेई का चार फरवरी 2010 को रहरा निवासी किशोर के बेटे पंकज के साथ
विवाह किया था।
बीएससी मैथ से होने के साथ भगवान देई बीएड भी किए हुए है और
बिहारी सिंह कन्या इंटर कालेज में शिक्षिका थी। बताया जाता है कि शुक्रवार
की रात को भगवानदेई का करवा चौथ का व्रत था। पति पंकज मछली लेकर आया था।
उसने पत्नी ने मछली बनाकर देने को कहा, तो भगवान देई ने त्योहार के दिन
मछली बनाकर देने से मना कर दिया। इसी बात पर आग बबूला हुए पंकज ने पत्नी
भगवानदेई का गला दबा दिया, जिससे भगवानदेई की मौत हो गई। परिजनों को पता
चला तो कोहराम मच गया।
तीन बच्चों की मां है भगवानदेई
मायके
सूचना मिलने पर भगवान देई के भाई मौके पर पहुंचे मायकेवालों ने गांव में
हंगामा कर दिया। जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। शव को कब्जे में
लेकर पीएम को भेज दिया गया। चौकी इंचार्ज सतीश यादव ने बताया कि मृतका के
भाई राजकुमार की तहरीर पर पति पंकज, जेठ विनोद, ससुर किशोर, सास शांति के
खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बच्चों के सामने हैवान बना पंकज
पंकज
ने शिक्षिका पत्नी को बच्चों के सामने ही पीटा। पांच साल के बेटे मितेंद्र
ने पुलिस को बताया कि पापा ने मछली बनाकर नहीं देने पर मां का गला दबाकर
मार डाला। बच्चे मां को बचाने के लिए चीखते रहे, लेकिन पंकज हैवान बन गया
था।
सुहाग की रक्षा के दिन सुहान बना हैवान
जिस सुहाग की
रक्षा के लिए भगवानदेई करवा चौथ के व्रत में थी वही सुहाग उसके लिए हैवान
बन गया। मछली बनाने से मना करने पर उसने पत्नी को मार डाला।