कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने सूचना पर एक अक्तूबर को बिजनौर रोड पर
नत्थे खां मस्जिद के तिराहे पर रात 10 बजकर 40 मिनट पर चेकिंग कर एक युवक
को धर दबोचा। तलाशी के दौरान थैले से सौ-सौ के नोटों की पांच गड्डियां
बरामद कीं। जांच की गई तो पचास हजार रुपये के नोट निकले। पूछताछ के दौरान
आरोपी ने अपना नाम इमरान पुत्र इरशाद मेवाती निवासी गांव नालूखुर्द थाना
नौगावां सादात बताया।
उसने स्वीकार किया कि वह अपने घर पर असली नोटों को
स्कैन कर रंगीन प्रिंटर से जाली नोट तैयार करता है। निशानदेही पर आरोपी के
घर में एक हजार के 68, पांच सौ के 31, सौ के 490 और पचास के 39 नकली नोट,
एक प्रिंटर स्कैनर बरामद किया। आरोपी पंचायत चुनाव में खपाने के लिए जाली
करेंसी तैयार कर रहा था। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने
गोरखधंधे का खुलासा किया और टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
क्यों मूक दर्शक बनी थी नौगावां सादात पुलिस
नौगावां
सादात के गांव में नकली नोट तैयार कर सप्लाई किए जा रहे थे, लेकिन स्थानीय
पुलिस मूक दर्शक बनी हुई थी। नकली नोटों के धंधे के बारे में पुलिस को पता
नहीं होना संदेह पैदा कर रहा है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने
लगे हैं।
पूछताछ में उगले कई राज
नकली नोट बनाने में पकड़े गए
इमरान ने कई राज उगले हैं। नकली नोटों को कैसे और और कहां सप्लाई किया जाता
था। अभी इस बात को पुलिस ने उजागर नहीं किया है। क्योंकि इस काम में लिप्त
और लोगों को भी पकड़ा जा सकता है।
माफिया का भी हाथ
नकली नोटों
को खपाने में जिले के कुछ माफिया का भी हाथ है। यह माफिया नकली नोट कहां से
लेकर आते हैं, यह अलग बात है। लेकिन जिले में यह लोग नकली नोटों का धंधा
करके तरक्की कर रहे हैं। पिछले दिनों जोया के एक गांव की महिला भी नकली
नोटों के मामले में दिल्ली में पकड़ी जा चुकी है। उस महिला से स्थानीय कुछ
लोगों के संपर्क बताए गए हैं।
वर्जन
पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल
की है। ये नकली नोट चुनाव में खपाने के लिए तैयार किए गए थे। चुनाव में
किसी तरह से शांतिभंग नहीं होने दी जाएगी। ऐसे लोगों को जेल भेजा जाएगा।
संजीव त्यागी, पुलिस अधीक्षक