सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव उठाने की कोशिश की तो लोगों का
गुस्सा फूट पड़ा और शव नहीं उठने दिया। शव को सड़क पर रख कर जाम लगा कर
पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। इस दौरान लोगों की पुलिस
से तीखी नोकझोंक भी हुई। तहसीलदार के साथ चेयरमैन ने मौके पर पहुंच कर
पीड़ित परिवार को मदद दिलाए जाने का भरोसा दिलाया। तबलोगों का गुस्सा शांत
हुआ। करीब तीन घंटे तक हंगामे भरी स्थिति रही।
मोहल्ला मायापुरी निवासी
50 वर्षीय अमरजीत पुत्र स्व. उमराव सिंह अपने घर के सामने ही फुटपाथ पर
रुई की धुनाई का काम करता था। घटना सुबह साढ़े नौ बजे करीब उस समय हुई जब
अमरजीत घर के सामने रुई धुनाई मशीन के पास ग्राहक से बातचीत कर रहा था। उसी
समय मोहल्ले में पालिका सफाई कर्मचारी ट्रैक्टर-ट्राली से कूड़ा उठा रहे
थे। चालक भी अपनी सीट पर नहीं था। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने
ट्रैक्टर की चाभी घुमा दी। जिससे ट्रैक्टर स्टार्ट हो गया और बेकाबू होकर
सड़क किनारे खड़े सीमेंट के पोल में जा घुसा।
जिससे पोल टूट कर ग्राहक से
बात कर रहे अमरजीत के ऊपर गिर गया और उसका सिर फट गया। वह लहूलुहान होकर
वहीं गिर पड़ा। हादसा देख पास पड़ोस के लोग दौड़ कर मौके पर पहुंचे। परिजन
भी तत्काल पहुंच गए। तब तक अमरजीत की मौत हो गई। सूचना पाकर कस्बा चौकी
इंचार्ज नीरज फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और पंचनामा भरने के लिए शव उठाने
की कोशिश की तो लोग भड़क गए और शव नहीं उठने दिया।
इस दौरान पुलिस से
पीड़ित परिवार की तीखी नोकझोंक हुई। इतना ही नहीं गुस्साए लोगों ने सड़क पर
चारपाई पर शव रख कर जाम लगा दिया। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाए जाने
की मांग की। करीब तीन घंटे तक दोपहर साढ़े बारह बजे तक हंगामा चलता रहा।
तब कहीं तहसीलदार संजीव यादव और चेयरमैन हरपाल सिंह मौके पर पहुंचे। पीड़ित
परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद के साथ-साथ परिवार के एक व्यक्ति को
नगर पालिका परिषद् में नौकरी दिलाए जाने का आश्वासन दिया, तब लोगों का
गुस्सा शांत हुआ। आग्रह करने पर पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।