विशेष सत्र एवं अपर जिला जज बीडी भारती ने दलित महिला की हत्या कर लाश को पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटकाने के एक मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 2.40 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्तों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।
आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव चिल्ला निवासी गोपीचंद की पत्नी शबनम 16 मार्च 2009 की रात करीब आठ बजे जंगल में शौच के लिए गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।
देर रात तक महिला जब घर नहीं आई, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने महिला की तलाश में गांव का जंगल खंगाल डाला, लेकिन शबनम का कहीं कोई सुराग नहीं लग सका।
अगले दिन शबनम की लाश गांव ननईपुर के जंगल में कृपाल सिंह के गेहूं के खेत में खड़े शीशम के पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटकी मिली।
गोपीचंद की तहरीर पर गांव पथरा निवासी रामेश्वर पुत्र किशोरी व चंद्रभान पुत्र राम स्वरूप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
रामेश्वर कुछ समय बाद जमानत पर छूट कर जेल से बाहर आ गया। सोमवार को विशेष सत्र एवं अपर जिला जज की अदालत में प्रकरण की सुनवाई हुई और वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी आरबी सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह सैनी ने जोरदार बहस की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश बीडी भारती ने रामेश्वर और चंद्रभान पर हत्या का दोष सिद्ध किया। मंगलवार को न्यायाधीश ने दोनों को आजीवन कारावास और 1.20 लाख -1.20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्तों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया।