विशेष सत्र एवं अपर जनपद न्यायाधीश बीडी भारती ने मर्डर के मामले में ससुर-दामाद को उम्रकैद की सजा सुनाई है और दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हत्याभियुक्तों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।
मंडी धनौरा के मोहल्ला कटरा निवासी युनूस उर्फ अजहरूद्दीन पुत्र अब्दुल सत्तार 20 सितंबर वर्ष 2011 में मोहल्ले के ही अब्दुल वहीद पुत्र छुट्टन के घर उधार दी रकम मांगने गया था।
इस बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई और अब्दुल वहीद ने अपने नाबालिग बेटे मोहसिन और दामाद मोहम्मद यामीन पुत्र नसीबुल्ला निवासी माता वाली मिलक, थाना पाकबड़ा जिला मुरादाबाद ने युनूस की पिटाई कर दी और छुरी मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
मृतक के भाई नूर इलाही की तहरीर पर पिता, पुत्र और दामाद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मेडिकल परीक्षण में मोहसिन को किशोर घोषित कर दिया था। जबकि मोहम्मद यामीन जमानत पर छूट कर जेल से बाहर आ गया।
अब्दुल वहीद अभी भी जेल में बंद है। मंगलवार को अदालत में मामले की सुनवाई हुई। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी आरबी सिंह और जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह सैनी ने बहस की और अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा देने की वकालत की।
विशेष सत्र एवं अपर जनपद न्यायाधीश बीडी भारती ने अभियुक्तों पर दोष सिद्ध किया और ससुर- दामाद को उम्रकैद, एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्तों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।