भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा रविवार को हो सकती है। जिला चुनाव प्रभारी की ओर से जो आठ नाम प्रदेश कमेटी को भेजे गए हैं उनमें से किसी एक को जिले की कमान मिल सकती है। लेकिन, संघ और विश्व हिंदू परिषद लाबी के समर्थन के कारण ऋषिपाल नागर की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष के चुनाव के लिए आठ लोगों ने नामांकन किया था। इसमें जाट समाज के प्रदीप चौधरी, ब्रजेश चौधरी और चौधरी भूप सिंह के अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष उदयगिरी गोस्वामी, रामकिशोर चौहान, सतीश चंद्र अग्रवाल शामिल हैं।
विजय पवार ने अपना नाम सांसद कंवर सिंह तंवर की पैरवी पर कराया है। जबकि, सबसे मजबूत स्थिति में ऋषिपाल नागर हैं। बताया जाता है कि ऋषिपाल विश्व हिंदू परिषद के पूर्व राष्ट्रीय सलाहकार दिवंगत रामफल सिंह के भतीजे हैं।
साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद लाबी उनका समर्थन कर रही है। इसलिए ऋषिपाल की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। पूरन सिंह सैनी और चैनसुख गोले का नाम भी प्रदेश स्तर पर जाने की बात कही जा रही है। लेकिन, आठ नामों की सूची से इनका नाम गायब है। रविवार को नाम की घोषणा होने की संभावना है।
अति पिछड़े संगठन में पिछड़े
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही दलित और अति पिछड़ों को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हों, लेकिन संगठन में दलित और अति पिछड़ों को तवज्जो मिलती नहीं दिख रही है।
जिन आठ नामों को प्रदेश स्तर पर भेजा गया है इनमें अति पिछड़ी जाति का और दलित कोई नहीं है। बताते हैं कि दावेदारों में सैनी समाज से पूरन सिंह सैनी और प्रजापति समाज से चैनसुख गोले का नाम अति पिछड़ी श्रेणी में आता है। लेकिन, सूची से इनके नाम गायब हैं।
फिर सांसद की बिरादरी का होगा अध्यक्ष
सांसद कंवर सिंह तंवर की ओर से जिलाध्यक्ष पद के लिए विजय पवार की पैरवी करने की बात कही जा रही है। गुर्जर समाज से विजय के अलावा ऋषिपाल नागर भी मैदान में है।
ऐसे में ऋषिपाल के जिलाध्यक्ष बनने की संभावना के बाद भी अध्यक्ष सांसद की बिरादरी का ही होगा। बता दें भाजपा का जिलाध्यक्ष हमेशा सांसद की बिरादरी का ही रहा है। जैसा कि आपको बता दें कि जब सांसद चेतन चौहान थे तब उनकी बिरादरी के राम किशोर चौहान भाजपा जिलाध्यक्ष बने थे।
जिले से आठ नामों की सूची प्रदेश स्तर पर भेज दी गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावों के कारण जिलाध्यक्ष चुनाव की घोषणा सात जनवरी के बाद भी हो सकती है। -मनोज कश्यप, जिला चुनाव अधिकारी