स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनुमति के बिना ही गांव में रौब दिखाने के लिए नगर पंचायत तिगरी के स्वास्थ्य केंद्र को बारात घर बना दिया गया। मामले को स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने सिर्फ आगे से न दोहराने की नसीहत देकर मामला निपटा दिया।
बता दें कि तिगरी गांव के ग्राम प्रधान के परिवार में 27 जनवरी को बेटी की बारात आनी थी। बारातियों के स्वागत और शादी की रस्में अदायगी की गांव के ही स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्था की गई थी।
शादी की तैयारी के लिए सुबह से ही स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पंडाल लगना शुरु हो गया। दोपहर तक सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। इसी दौरान गांव के किसी व्यक्ति ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया। जिस पर मामला संज्ञान लेते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अस्पताल के चिकित्साधिकारी डा. शैलेश व वार्ड वाय मुमताज को फटकार लगाते हुए नसीहत दे डाली। साथ ही पंडाल हटाने को निर्देश दिये। कुछ लोगों के आग्रह पर अधिकारी नसीहत देकर बैरंग लौट गए।
इस मामले में ग्राम प्रधान के परिवार वालों ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में विवाह समारोह संपन्न कराने के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति दिये बिना ही उन्हें वापस भेज दिया गया, बुधवार को जब परिसर में शादी का पंडाल लग गया तब मुझे सूचना मिली तो मैने तत्काल मौके पर पहुंच कर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी और स्टाफ से पूछताछ की, साथ ही परिसर से मंडप और स्टेज हटवाया गया, आगे से ऐसा न करने की नसीहत दी है, यदि आगे ऐसा हुआ तो स्टाफ पर भी कार्रवाई की जाएगी।
डा. दिनेश खत्री, चिकित्सा अधीक्षक, गजरौला।