तीन दिन से तौल बंद कराए बैठे किसानों ने बुधवार को समझाने पहुंचे मिल अफसरों को बंधक बना लिया। मिल अफसरों से उनकी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान किसानों ने भुगतान नहीं होने तक तौल नहीं चलने देने की चेतावनी दी। बाद में किसी तरह दस दिन में भुगतान के आश्वासन पर अफसरों को बंधनमुक्त किया।
बेलवाड़ा शुगर मिल को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों ने बकाया भुगतान की मांग को लेकर मिल के खरीद केंद्रों पर तीन दिन से तौल बंद कर दी है। इससे हरकत में आए मिल अफसर बुधवार दोपहर खरीद केंद्र अहरोई पर पहुंचे।
यहां तौल बंद कराए बैैठे किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से नाराज किसानों ने उनको बंधक बना लिया। नाराज किसानों ने कहा कि मौजूदा सत्र का मिल पर दस करोड़ से अधिक बकाया है और चीनी मिल चले हुए दो महीने से अधिक हो गए।
इसको लेकर मिल अफसरों की किसानों से तीखी झड़प हुई, मगर किसान अपनी बात पर अड़े रहे। कहा कि, मिल के कांटे उखाड़ ले जाओ। भुगतान होने तक तौल नहीं चलने देंगे। किसानों के तेवर देख मिल अफसर सहम गए।
बाद में 31 दिसंबर तक का भुगतान 15 फरवरी तक और 10 जनवरी तक का बकाया भुगतान 25 फरवरी तक करने का आश्वासन दिया। इस पर मिल अफसरों को किसानों ने बंधन मुक्त किया।
यह किसान रहे मौजूद
इस दौरान नरेंद्र सिंह, हुकुम सिंह, सरदार कौशल सिंह, गजेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, राजीव कुमार, समरपाल सिंह, उमराव सिंह, जयप्रकाश, विजयपाल सिंह, मनोज कुमार, कैलाश सिंह, सोनू, तेजपाल सिंह, हाजी फकीरा, धर्मेंद्र सिंह, ऋषिपाल सिंह, गंगासरन सिंह आदि मौजूद रहे।
यहां हैं मिल के खरीद केंद्र
जनपद के किसान बेलवाड़ा शुगर मिल के अहरोई, मऊमय चक, रामहट, कांकर सराय, धनौरी अहीर, गुलड़िया, नाजरपुर खुर्द गांव में लगे खरीद केंद्रों पर गन्ना आपूर्ति करते हैं। बेलवाड़ा मिल पर किसानों का दस करोड़ रुपये बकाया है। मिल ने मौजूदा सत्र के एक धेले का भी भुगतान नहीं किया है। इससे नाराज किसानों ने तीन दिन से तौल बंद करा रखी थी।