हजरत मोहम्मद साहब जब दुनिया में तशरीफ लाए तो इंसानियत को नई जिंदगी मिली। आप खून के रिश्ते से बढ़कर एक और रिश्ता लाए और वो रिश्ता दीन का था।
मुस्लिम कमेटी के तत्वावधान में सोमवार की रात शहर के मोहल्ला अफगानान के चौराहे पर ईद मीलादुन्नबी का जलसा आयोजित हुआ।
जिसका आगाज तिलावते कुराने पाक से हुआ और मौलाना साद अमरोही, जुबैर इब्ने सैफी, असलम बकाई, हाजी शमीम ने बारगाहे रिसालत में नात शरीफ का नजराना पेश किया।
जलसे को खिताब करते मशहूर आलिमेदीन हजरत मुफ्ती अब्दुल गफूर संभली ने आगे फरमाया कि हजरत मोहम्मद साहब ने इत्तेहाद व इत्तेफाक का ऐसा अमली नमूना पेश किया, जिसकी नजीर दुनिया में नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई कौम इज्जत व वकार से जिंदा व सलामत नहीं रह सकती जब तक उसके अफराद में इत्तेहाद व इत्तेफाक, अखूवत और मोहब्बत न हो।
जलसे की सदारत मुफ्ती जाहिद और निजामत मुस्लिम कमेटी के सदर हाजी खुर्शीद अनवर ने की। जलसे में तमाम लोग मौजूद रहे।