अमरोहा। मिठाई की दुकानों पर सरेआम घटतौली की जा रही है। दुकानदार ग्राहकों को मिठाई के भाव गत्ते का डिब्बा भी तौल रहे हैं। इसका अधिक फायदा उठाने के लिए आकर्षक वजनी डिब्बे तैयार कराए गए हैं। जागरूकता के अभाव में इससे ग्राहकों को चपत लग रही है, लेकिन बाट-माप विभाग के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दीपावली पर मिठाइयों में मिलावट के अलावा मिठाई की कीमत में गत्ते का डिब्बा तौलकर दुकानदार उपभोक्ताओं को दोहरी चपत लगा रहे हैं। एक ओर उनकी सेहत खतरे में हैं, वहीं अनजाने में ही गत्ते का डिब्बा खरीदना पड़ रहा है। जागरूकता के अभाव में लोग घटतौली का शिकार हो रहे हैं। वहीं बाट माप विभाग की उदासीनता से मिठाई विक्रेताओं के हौंसले बुलंद हैं।
घटतौली करने पर है दस हजार का जुर्माना
घटतौली करने पर दस हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान बाट-माप अधिनियम में है। अगर कोई ग्राहक दुकानदार की शिकायत करता है तो विभाग जांच के बाद यह कार्रवाई कर सकता है।
गत्ते के डिब्बे के बराबर अतिरिक्त वजन लें
जितने वजन का डिब्बा है, उसी वजन के मुताबिक ज्यादा मिठाई दुकानदार से लें। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो 10-12 रुपये किलो रुपये के गत्ते के डिब्बे का मूल्य उन्हें मिठाई के भाव देना पड़ेगा।
घटतौली रोकने के लिए बाजार में छापामारी की जा रही है। बाट माप उपकरणों की जांच की जा रही है। यदि कोई विक्रेता मिठाई वजन में गत्ते का डिब्बा भी तौलता है, तो उसके खिलाफ दस हजार तक के जुर्माने का प्रावधान है। इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। कई लोगों को चेतावनी भी दी गई है।
-विमलेश कुमार
बाट माप निरीक्षक