अमरोहा। खुफिया तंत्र ने जोया कस्बे में आतंकियों को शरण देने वालों और उनके ठिकानों को तलाशने के लिए जाल बिछा दिया है। यहां कब और कहां से संदिग्ध लोग आए इसकी पड़ताल के लिए मुखबिरों का सहारा लिया जा रहा है। खुफियातंत्र भी अपने स्तर से जांच पड़ताल में जुटा है। बिजनौर के मोहल्ला जटान में बीती 12 सितंबर को बम ब्लास्ट के बाद झुलसे आतंकी को लेकर जोया में शरण लेने के खुलासे के बाद खुफिया तंत्र ने यहां के गली-मोहल्लों में मुखबिरों का जाल फैला दिया है। फरार सिमी आतंकी की सहयोगी बिजनौर के उमरी गांव निवासी हुस्ना के खुलासे के जोया में खुफिया तंत्र की सरगर्मी बढ़ने लगी है। जिले की एलआईयू से लेकर बिजनौर की पुलिस भी सादी वर्दी में जोया में आतंकियों की शरणस्थली को तलाश रहे हैं। 12 सितंबर से अब तक कस्बे में संदिग्ध लगने वाले लोगों के बारे में पड़ताल की जा रही है। सूत्रों की माने, जोया हाईवे पर स्थित होने के कारण आतंकी यहां से निकल गए होंगे, फिर भी उनके सहयोगियों की धरपकड़ जरूरी है। यहां शरण लेने के पीछे आतंकियों की मंशा क्या थी, यह उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगी।