अमरोहा। जुबिलेंट लाइफ साइंसेज लिमिटेड पर स्टांप शुल्क चोरी का शिकंजा कसने के बाद प्रशासन शीघ्र 28.46 करोड़ रुपये की वसूली करने के पक्ष में है। यदि नियमानुसार 30 दिन के भीतर कंपनी ने यह रकम अदा नहीं की तो वसूली के लिए प्रशासन की ओर से आरसी जारी कर दी जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि जुबिलेंट लाइफ साइंसेज लिमिटेड को नाम परिवर्तन करने में नियमानुसार स्टांप शुल्क अदा करना चाहिए। लेकिन बिना स्टांप शुल्क के कंपनी को दूसरी कंपनी में हस्तांतरित कर दिया गया। जोकि स्टांप ड्यूटी चोरी का संगीन मामला बनता है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अकमल अख्तर ने बताया कि त्रिस्तरीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। जिसमें 28 करोड़ की स्टांप शुल्क चोरी और 46 लाख दस हजार का जुर्माना कंपनी को जमा करना होगा। जिसकी अवधि 30 दिन है। इसके बाद आरसी जारी कर दी जाएगी।
क्या है कानून
सिविल अधिवक्ता चौधरी शैलेंद्र कुमार शीनू का कहना है कि कानून के अनुसार ऐसे राजस्व मामले में अधिकतम 30 दिनों में अदायगी नहीं होने पर आरसी जारी करने का अधिकार है।
कैमिकल बनाती है जुबिलेंट
वाम आर्गेनिक और जुबिलेंट का सिर्फ नाम परिवर्तन हुआ है। यहां शीलत पेय, जूता, कमीज के बटन आदि में प्रयुक्त होने वाला कैमिकल बनाया जाता है।
एशिया की पहली मल्टीनेशनल कंपनी
जुबिलेंट लाइफ साइंसेज एशिया की पहली मल्टीनेशनल कंपनी है, जिसमें काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों का पे-स्केल सबसे बेहतर है।