अमरोहा। छह माह तक यौन शोषण का शिकार हुई युवती के गुरुवार को एसीजेएस की अदालत में ब्यान दर्ज किए गए। घर जाने की इच्छा जाहिर करने पर पीड़िता को मां-बाप के सुपुर्द कर दिया गया। पीड़िता ने लड़कियों की खरीदफरोख्त करने वाले चार-पांच लोगों के नाम और बताए हैं। एक युवती अभी भी उनकी गिरफ्त में है।
गजरौला पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच यौन शोषण का शिकार हुई अलीगढ़ की युवती को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुभाष सिंह की अदालत में पेश किया। अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़िता के ब्यान दर्ज कराए। युवती ने बताया कि वह दसवीं में पढ़ती थी और परिजनों के नाराज होकर स्टेशन पहुंची और टे्रन में बैठ गई। वह दिल्ली जाकर रूकी। यहां शमशुद्दीन निवासी गांव लखमिया ने उसे अपना नाम विकास बताया था और बहला फुसलकर अपने साथ ले आया था। कई जगह उसने उसे पत्नी बताकर किराए के मकान में रखा। छह माह तक यौन शोषण किया गया। छह दिन पहले मुरादाबाद में आरोपी युवक ने उसका और साथ रह रही एक और युवती का सौदा आठ लाख रुपये में कर लिया था। वह मौका पाकर वहां से निकल आई। सीधे गजरौला आकर एक समाज सेविका से मिलकर पूरी दास्तां सुनाई। पीड़िता ने बताया कि यह पूरा गैंग है, जो बहला फुसलाकर लड़कियों को अपहरण करता है और शारीरिक शोषण करने के बाद बेच देता है। उसने चार-पांच लोगों के और नामों का खुलासा भी किया है। युवती ने मां-बाप के साथ जाने की इच्छा जाहिर की। कोर्ट ने युवती को मां-बाप के सुपुर्द कर दिया है।