अमरोहा। बेटी से छेड़छाड़ की घटना में रिपोर्ट दर्ज न होने पर मजबूर राजमिस्त्री की मौत पर जागी पुलिस की निगाहें फैसले को जुड़ी पंचायत में मौजूद लोगों पर भी गड़ गई हैं। चौतरफा आलोचना झेलकर सवालों में घिरी पुलिस ने अब इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए गुपचुप जांच शुरू कर दी है। उधर, इन हालात में राजमिस्त्री के आत्मघाती कदम से राजनीतिक संगठनों में भी आक्रोश पनप रहा है। अगले 24 घंटे में इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने की स्थिति में आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
डिडौली गांव निवासी दलित शीशपाल ने बेटी से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न करने और पंचायत में जबरन फैसला कराने से आहत होकर रविवार की सुबह घर में फांसी लगा ली थी। क्योंकि, वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं था और लोग उसे ताने दे रहे थे। राजमिस्त्री के आत्महत्या के फैसले ने जिले में हड़कंप मचा दिया था। इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनने पर पुलिस ने वकील और उसके बेटे सहित पांच लोेगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मौके की नजाकत भांप सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार जेल भेज दिया था।
पंचायत के फेर में फंसी डिडौली पुलिस अब इस मामले कोई लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। करीबी सूत्रों की मानें तो पंचायत में शामिल रहे लोग भी पुलिस के रडार पर आ गए है। जिन्हें चिंह्ति किया जा रहा है।