रजबपुर (अमरोहा)। शादी समारोह में झगड़े के दौरान दरोगा के साथ मारपीट और वैगनआर कार में तोड़फोड़ करने वाला कोई और नहीं, बल्कि पुलिस के ही तीन कांस्टेबल निकले। ये रामपुर और संभल में तैनात हैं। मामला अपने ही विभाग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे हल्का कर दिया। बजाय संगीन धाराओं में मुकदमा करने के तीनों सिपाहियों और चौथे ग्रामीण के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की है और जमानत पर छोड़ दिया।
बुधवार आधी रात करीब यह घटना थानाक्षेत्र के पपसरा गांव की है। क्षेत्र के ही पूठी गांव में रहने वाले एक सिपाही की गांव में बारात आई थी। दावत में किसी बात को लेकर बारातियों और घरातियों के बीच झगड़ा हो गया था। सूचना मिलने पर निजी वैगनआर कार से पहुंचे थाना प्रभारी हर प्रसाद सिंह और प्रशिक्षु दरोगा संजीव कुमार ने बीच बचाव कराने के बाद विवाद निपटा दिया था। चौकी से पहले रास्ते में भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था। कार के शीशे तोड़कर दरोगा की जमकर पिटाई की थी। पुलिस टीम पर हमले का मैसेज फ्लैश होते ही फोर्स ने गांव को कब्जे में ले लिया था।
जांच पड़ताल हुई तो आरोपी भी वर्दी वाले निकले। जिसके बाद एसपी के निर्देश पर देर रात रजबपुर पुलिस ने कांस्टेबल अभय पुत्र विनोद निवासी ग्राम कैली थाना खरखौदा जनपद मेरठ व अजय पुत्र कृष्ण निवासी ग्राम मकनपुर थाना पिताबी जनपद मुज्जफरनगर (दोनों रामपुर के थाना टांडा में तैनात), विवेक चौहान पुत्र कपिल चौहान निवासी ग्राम फगना थाना छपरौली जनपद बागपत (संभल पुलिस लाइन) समेत क्षेत्र के नरैना गांव में रहने वाले बेदी पुत्र दिनेश के खिलाफ सिर्फ एनसीआर की कार्रवाई की। यदि ग्रामीण इस हमले में शामिल होते तो संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाता, लेकिन विभागीय मामला होने से इसे यूं ही निपटा दिया।