अधिकारियों और कर्मचारियों के निर्वाचन कार्य में ड्यूटी लगने से पिछले चार दिनों से सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा है। 13 फरवरी को विभिन्न विभागों से अधिकारियों और कर्मचारियों को जिले के 863 मतदान केंद्रों के अलग-अलग पोलिंग बूथों में ड्यूटी के लिए जाना पड़ा। जिससे सरकारी दफ्तरों में इक्का-दुक्का कर्मचारी ही नजर आ रहे हैं और अधिकारियों के चुनाव ड्यूटी में होने से कामकाज भी प्रभावित हुआ है। गुरुवार को पोलिंग पार्टियों की वापसी के बाद शुक्रवार से दफ्तरों में काम काज सुचारू होने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव में ईवीएम प्रशिक्षण से लेकर मतदान केंद्रों में निर्वाचन कार्य की विभिन्न जिम्मेदारियों के कारण जिले के सैकड़ों विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्वाचन विभाग ने रेंडमाइजेशन के जरिए चुनावी ड्यूटी लगाई थी। ड्यूटी के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग और विकास भवन में विभिन्न विभाग पिछले चार दिनों से सुनसान हैं। अधिकारियों की चुनाव ड्यूटी के कारण विकास समेत लोगों के व्यक्तिगत कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। गुरुवार को जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के मतदान केंद्रों से पोलिंग पार्टियां लौट आई हैं। हालांकि नजदीक के स्थलों की कुछ पोलिंग पार्टियां बुधवार रात ही लौट आई हैं। मतगणना स्थल होटल मैनेजमेंट में ईवीएम जमा करने और जरूरी सभी औपचारिकताएं निपटाने के बाद चुनाव ड्यूटी में गए अधिकारी, कर्मचारी अब शुक्रवार को अपने-अपने विभागों में बैठने लगेंगे।