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World Diabetes Day: शुगर खत्म कर रहा जिंदगी की मिठास...औसतन दस से अधिक मरीज हैं युवा, यह समस्या भी बढ़ रही

Thu, 14 Nov 2024 02:08 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा

सार

अल्मोड़ा जिले में मधुमेह के मरीजों की संख्या में तेजी आई है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. हरीश आर्या ने बताया कि ओपीडी में मधुमेह के प्रतिदिन करीब 20 से अधिक रोगी आते हैं। इनमें औसतन 10 से अधिक युवा होते हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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बदलती जीवनशैली और खानपान में लापरवाही के कारण जिले में मधुमेह के मरीजों की संख्या में तेजी आई है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. हरीश आर्या ने बताया कि ओपीडी में मधुमेह के प्रतिदिन करीब 20 से अधिक रोगी आते हैं। इनमें औसतन 10 से अधिक युवा होते हैं। समय पर इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो इससे हृदय और गुर्दे की बीमारी होने का भी खतरा रहता है।

 

मधुमेह के प्रभाव

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मधुमेह से हृदय रोग और स्ट्रोक, गुर्दे की विफलता, आंखों की समस्याएं हो सकती हैं। इनमें डायबिटिक रेटिनोपैथी, तंत्रिका समस्याएं, अल्सर और गैंग्रीन आदि हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मधुमेह से पीड़ित लोगों में हृदय रोग से मृत्यु की दर चार गुना अधिक होती है।

दवाओं का कारोबार बढ़ा
अल्मोड़ा जिले में मधुमेह के मरीज बढ़ने से हर साल इसकी दवाओं का कारोबार भी बढ़ता जा रहा है। दवा कारोबारियों ने बताया कि साल 2022- 2023 में जिन दवाओं की बिक्री 30 प्रतिशत थी वह 2023-2024 में 45 प्रतिशत हो गई है।

 

मधुमेह रोगियों से आ रहा मेडिकल स्टोर की कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा

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बागेश्वर जिले में आज हर तीसरे परिवार का कोई न कोई सदस्य इस बीमारी से ग्रसित है। पिछले 10 साल में मधुमेह बीमारी तेजी से बढ़ी है। हालात यह हैं कि अस्पताल में जांच कराने वाले मरीजों में 30 से 40 प्रतिशत मरीज मधुमेह से ग्रसित होते हैं। बताया कि बागेश्वर में वर्तमान में करीब 1888 मधुमेह रोगी हैं।

जिला अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. चंद्र मोहन सिंह भैसोड़ा बताते हैं कि खानपान के प्रति उदासीनता और शारीरिक श्रम की कमी मधुमेह के बढ़ने का मुख्य कारण है। आरामतलबी और बाहरी खानपान के कारण लोग मधुमेह की चपेट में आ रहे हैं। कुछ लोगों में यह बीमारी वंशानुगत भी होती है। मधुमेह से बचाव के लिए बाहरी खानपान की बजाय घर का भोजन करना, आहार में मोटे अनाज को शामिल करना, रोजाना शारीरिक श्रम, व्यायाम करना जरूरी है। मधुमेह की बीमारी को अनदेखा करना भारी भी पड़ सकता है।

मेडिकल स्टोर संचालकों की बात
मेडिकल स्टोर संचालक गोकुल जोशी बताते हैं कि वर्तमान में पिछले दस साल से मधुमेह के मरीज बढ़े हैं। विगत वर्षों में तेजी से मधुमेह से ग्रसित होने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्तमान में दवाइयां लेने के लिए आने वाले मरीजों में 30 से 40 प्रतिशत मरीज मधुमेह से पीड़ित हैं। मेडिकल स्टोर चलाने वाले राजू गोस्वामी बताते हैं कि दिन में अगर 100 पर्चे दुकान में आते हैं तो उनमें 35 से 40 पर्चे मधुमेह की बीमारी के होते हैं। हर महीने होने वाली आय का 30 प्रतिशत हिस्सा मधुमेह की बीमारी से आता है।

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