अल्मोड़ा। स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन में अमान्य कटौती कर गुमराह करने का आरोप लगाया है। संबंधित संस्था की ओर से वेतन कटौती का विवरण नहीं किए जाने पर कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों ने पिछले दिनों विधानसभा उपाध्यक्ष को ज्ञापन भेज आउटसोर्स एजेंसी से अनुबंधित सभी कार्मिकों को एनएचएम में समायोजित करने की मांग उठाई।
अल्मोड़ा में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पिछले वर्ष जुलाई में 125 एनएचएम आटसोर्स कर्मियों की लखनऊ की एक एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति हुई थी। जिसके बाद से चार माह तक कर्मचारियों को वेतन भुगतान नहीं हुआ। बमुश्किल चार माह बाद वेतन भुगतान हुआ, लेकिन आरोप है कि 15 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों के वेतन से 50 प्रतिशत की कटौती की गई। संबंधित संस्था से कटौती का विवरण मांगे जाने पर ईपीएफ, ईएसआई, जीएसटी और संस्था चार्ज का हवाला देकर कर्मचारियों को गुमराह किया गया।
जुलाई से सितंबर तक 15 हजार से अधिक वेतन वाले कार्मिकों के वेतन में 45 प्रतिशत की कटौती हुई। इसके बाद अक्तूबर में मात्र 19 प्रतिशत की कटौती की गई लेकिन कर्मचारियों को कटौती का ब्यौरा नहीं दिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि वेतन से अमान्य कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कार्मिकों के मानदेय में विसंगतियों का निवारण और आटसोर्स एजेंसी से अनुबंधित सभी कार्मिकों को एनएचएम में समायोजित करने की मांग की। मांग करने वालों में दीवान बिष्ट, सुमित तिवारी, सौरभ जोशी, सुभम मेहता, साविता ह्यांकी, उमेश आदि शामिल थे।