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आल्पस के श्रमिक धरने पर डटे

Tue, 28 Apr 2015 11:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ अल्मोड़ा
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पातालदेवी स्थित आल्पस फैक्ट्री से हटाए गए छह श्रमिकों ने फैक्ट्री गेट पर दूसरे दिन भी धरना दिया। श्रमिक बिना शर्त फैक्ट्री में काम पर वापस लेने, श्रम कानूनों का पालन करने आदि मांगों को लेकर कर रहे हैं। उन्होंने जल्द काम पर नहीं लिए जाने पर अनशन शुरू करने की धमकी दी है।
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धरना स्थल पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के निदेशक श्रमिकों पर अनुशासनहीनता का झूठा आरोप लगा कर उत्पीड़न कर रहे हैं। जबकि उन्होंने फैक्ट्री के भीतर कभी किसी तरह की अनुशासनहीनता नहीं की। श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें काम से हटा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक श्रमिक अशोक कुमार साह एक दशक से फैक्ट्री में कार्य कर रहा था। 17 अगस्त 2103 को दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई। फैक्ट्री द्वारा मुआवजा देने के बजाए श्रमिक का दो महीने का वेतन और बोनस काट दिया गया। एक अन्य श्रमिक जानकी ऐरी की काम के  दौरान अंगुली फेक्चर हो जाने पर कोई मुआवजा नहीं दिया गया।
उन्होंने हटाए गए श्रमिकों को बिना शर्त फैक्ट्री पर काम में वापस लेने, काम के दौरान दुर्घटनाओं में घायल श्रमिकों को मुआवजा देने और फैक्ट्री में श्रम कानूनों का पालन करने की मांग की। धरने में नरेंद्र जीना, भावना वर्मा, शेखर जोशी, अशोक कुमार साह, जानकी ऐरी, माधवी देवी बैठे। आरडीएफ के प्रदेश अध्यक्ष जीवन चंद्र, उपपा महासचिव रेखा धस्माना, एचएस बिष्ट ने श्रमिकों के आंदोलन को समर्थन दिया है।
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