चार माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण बीएसएनएल के संविदा श्रमिकों में भारी आक्रोश है। बीएसएनएल कैजुअल एंड कांट्रेक्टर वर्कर्स यूनियन की जिला इकाई का कहना है कि श्रमायुक्त के आदेशों को भी अधिकारियों ने हवाई साबित कर दिया है। मुख्य महाप्रबंधक को भेजे ज्ञापन में शीघ्र मानदेय नहीं मिलने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
श्रमिकों का कहना है कि चार माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। कई बार आंदोलन किए, श्रमायुक्त बरेली ने पूर्व में लिखित आदेश जारी किए। एजीएम अल्मोड़ा ने अक्तूबर माह तक के वेतन, एरियर का भुगतान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन महीना समाप्त हो चुका है, अभी तक मानदेय नहीं मिला है।
इस दौरान श्रमिकों के शोषण का भी आरोप लगाया गया। श्रमिकों को पीएफ का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराए जाने पर आक्रोश जताया। कहा कि इससे बड़े घोटाले की आशंका बनी हुई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि श्रमिकों को शीघ्र मानदेय और एरियर का भुगतान नहीं किया गया तो वृहद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
ज्ञापन भेजने वालों में अध्यक्ष जीवन सिंह बिष्ट, सचिव संजय मठपाल, उमेश तिवारी, जगदीश जलाल, उमेश भट्ट, हर्ष रावत, चंदन सिंह, राजेंद्र सिंह सहित तमाम श्रमिक मौजूद रहे।