छह साल पहले भैंसियाछाना ब्लॉक के करीब एक दर्जन गांवों के लिए स्वीकृत मंगलता-त्रिनैली सड़क का आज तक निर्माण नहीं हो सका है। सड़क के इंतजार में ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट रहा है। क्षेत्र के गांवों की महिलाओं और ग्रमीणों ने धौलनैली गांव में सरकार, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चुनाव के साथ ही जनप्रतिनिधियों का भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने बुधवार 21 दिसंबर को अल्मोड़ा-सेराघाट मार्ग में मंगलता में जाम लगाने का एलान किया है।
2010 में मंगलता-त्रिनैली सड़क को मंजूरी मिली। सड़क मंजूरी का लक्ष्य त्रिनैली, निश्नैली, थाला, धौलनैली, बाड़ागूंठ, बौड़ा, जामणी, नायालगूंठ, सुजौला थिकलना, कोटा, बूड़ा, समेत अन्य गांवों को यातायात से जोड़ना था पर छह साल बीतने के बाद भी सड़क का कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस कारण ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं और पलायन को मजबूर हैं।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सड़क नहीं होने से बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कतें होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि, शासन-प्रशासन के नुमाइंदे गांवों की सुध नहीं ले रहे हैं। सड़क नहीं बनी तो चुनाव के साथ ही जनप्रतिनिधियों का बहिष्कार किया जाएगा। प्रदर्शन में थिकलना के सरपंच राजेंद्र राणा, त्रिनैली के प्रधान पूरन राम, बीडीसी सदस्य तुलसी देवी, प्रधान बूड़ा महेश राम, थिकलना की प्रधान भावना देवी, प्रधान धौलनैली केशव भट्ट, नवीन भट्ट, लीलाधर, हयात वाणी, चंद्र बल्लभ भट्ट, रेवाधर भट्ट, दान सिंह, रमा, तारा, नंदी, सपना, दीवान राम, महेश राम, हरीश भट्ट, केवलानंद, महेश चंद्र, जोगा राम समेत काफी संख्या में लोग शामिल हुए।