विधायक को अपना दुखड़ा सुनातीं महिलाएं।
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लावारिस जानवरों से परेशान क्षेत्र की महिलाओं ने यहां विधायक आवास का घेराव कर दिया। महिलाओं का कहना था कि लावारिस जानवरों के आतंक के चलते खेती-किसानी की कमर टूट गई है। लोग अनुपयोगी जानवरों को लावारिस छोड़ रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से इस संबंध में आज तक सार्थक कार्रवाई नहीं की जा रही है। बाद में विधायक महेश नेगी ने प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया और पशुओं की गणना और चिन्हीकरण का काम शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद पशुओं को लावारिस छोड़ने पर जुर्माना ठोकने को कहा।
मालूम हो कि क्षेत्र में लावारिस जानवरों की समस्या लंबे समय से चल रही है। लोग मवेशियों को लावारिस को छोड़ देते हैं, यही जानवर ग्रामीणों के खेतों में घुसकर फसल चट कर जा रहे हैं, बाजार क्षेत्र में भी भारी संख्या में लावारिस जानवर घूम रहे हैं, जो अब तक कई लोगों को चोटिल कर चुके हैं। पूर्व में कई बार महिलाएं आंदोलन कर चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद यह समस्या दूर नहीं हो रही है। इधर परेशान महिलाओं ने विधायक महेश नेगी के आवास का घेराव कर जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई। विधायक ने तत्काल उपजिलाधिकारी सहित तमाम सक्षम अधिकारियों को मौके पर बुलाया।
तय किया गया कि पशुुपालकों के पशुओं की गणना और चिन्हीकरण का कार्य किया जाएगा। गांव में प्रधान और शहरी क्षेत्र में नगर पंचायत अधिकारियों के नेतृत्व में यह कार्य होगा। प्रत्येक पशु की गणना और उस पर निशान भी लगाए जाएंगे। इसके बाद जो भी पशुओं का लावारिस छोड़ेगा उनके खिलाफ पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोका जाएगा। यह भी तय हुआ कि प्रशासन घूम रहे लावारिस जानवरों को बारी बारी से गो सदन केंद्र भेजेगा। इस आश्वासन पर महिलाएं मान गईं। इस दौरान आनंदी तिवारी, जानकी देवी, धना मठपाल, माधवी चौधरी सहित बमनपुरी, कालीखोली, हाट, घगलोड़ी सहित तमाम गांवों की दर्जनों महिलाएं शामिल थीं।