जल संस्थान में प्रदर्शन करती महिलाएं।
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25 दिनों से पेयजल संकट झेल रहे बिजेपुर और घगलोड़ी के ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय जाकर प्रदर्शन किया। कहा कि कतिपय लोग पाइप लाइनों को तोड़कर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं और ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। तीन दिन के भीतर योजना दुरुस्त नहीं होने पर कार्यालय घेराव की चेतावनी दी गई।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि पन्याली, सौलढुंगा और बिजरखोली श्रोतों से इन दोनों ग्रामसभाओं के लिए बनी पेयजल योजना की देखरेख नहीं होती। कतिपय लोग पाइप लाइन तोड़ देते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई गई। कहा कि पाइप लाइन टूटने के कारण टैंकों में पानी नहीं पहुंच पाता। पिछले 25 दिनों से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन विभागों को इससे कोई सरोकार नहीं है। कहा कि लोग पाइप लाइन तोड़कर खेतों की सिंचाई करते हैं। इस दौरान विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
ग्रामीणों ने तीन दिन के भीतर योजना दुरुस्त नहीं होने पर जल संस्थान कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है। इधर कनिष्ठ अभियंता एसएस रौतेला ने 22 दिसंबर को सुबह 10 बजे योजना का स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रधान हेमा देवी, हंसी देवी, सरस्वती रौतेला, दयाल तिवारी, मुन्ना तिवारी, बिट्टू त्रिपाठी, हीरा सिंह, हरीश त्रिपाठी, मालती देवी, सुरेश सिंह आदि मौजूद थे।
फोटो: 21 आरकेटी 07पी: जल संस्थान कार्यालय पर प्रदर्शन करते ग्रामीण।