अल्मोड़ा जिले की मूल निवासी पूर्वी दिल्ली की मेयर नीमा भगत का शुक्रवार को पालिका परिषद सभागार में नागरिक अभिनंदन किया गया। नीमा भगत ने कहा कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने अल्मोड़ा में रह कर पहाड़ की महिलाओं की समस्याओं और कष्टों को नजदीक से देखा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की नारी महिला सशक्तीकरण की प्रतिमूर्ति है। कहा कि उत्तराखंडवासियों को ईमानदार लोगों के तौर पर जाना जाता है और वह मेयर रह कर दिल्ली में उत्तराखंड की इस छवि को और सशक्त करेंगी।
पालिका परिषद अल्मोड़ा द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चेयरमैन प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि भिकियासैंण ब्लॉक की रहने वाली नीमा भगत के मेयर बनने से अल्मोड़ा समेत पूरे प्रदेश को उन पर गर्व महसूस हो रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार पीसी तिवारी, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शेखर लखचौरा ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली में इस बार पूर्व में पार्षद रह चुके सिर्फ छह लोगों को ही प्रत्याशी बनाया था। ईमानदार और कर्मठ पार्षद की छवि के चलते नीमा भगत को भी दोबारा मौका मिला और वह इस मुकाम तक पहुंचीं। बता दें कि मेयर नीमा भगत शेखर लखचौरा और पीसी तिवारी के रिश्ते की बहन भी हैं।
1996 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाली नीमा भगत ने लोगों से नगर को स्वच्छ रखने के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष आनंद सिंह बगडवाल, अभिनव नौटियाल, जंगबहादुर थापा, अरुण पंत आदि ने भी विचार रखे।
गिरीश चंद्र पंत ने उन्हें राम भजनावली भेंट की। संचालन डॉ. राजेंद्र तिवारी ने किया। कार्यक्रम में केवल सती, सांसद प्रतिनिधि मोती लाल वर्मा, सभासद अशोक पांडे, हेम तिवारी, ब्रिगेडियर केसी जोशी, प्रताप सिंह सत्याल, शारदा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या विनीता शेखर, डा. रमेश चंद्र पांडे राजन, डॉ. डीडी तिवारी, गिरीश मल्होत्रा, हरीश भगत, देवीदत्त लखचौरा, प्रो. एनडी कांडपाल, राधा नेगी, सरिता टम्टा, विनोद वैष्णव, तनूजा नौटियाल, एमसी कांडपाल आदि थे।
अटल जी की कविता ने नीमा को प्रेरणा दी
पूर्वी दिल्ली की मेयर नीमा भगत राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहाली वाजपेयी को अपना आदर्श मानती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन के कठिन समय में अटल जी की कविता ‘ये उथल-पुथल उत्थाल लहर पथ से डिगा नहीं पाएगी, पतवार चलाते जाएंगे, मंजिल आएगी-आएगी।’