द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए। शीतलापुष्कर मैदान में महिला एकता परिषद की गोष्ठी हुई। इसमें वर्तमान समाज में महिलाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए सभी से एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया गया। गोष्ठी में कन्या भ्रूण हत्या सहित तमाम सामाजिक कुरीतियों पर भी तीखे प्रहार किए गए।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मोहनी देवी ने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। उन्हें उचित संरक्षण, प्रतिनिधित्व दिया जाए तो महिलाएं काफी आगे बढ़ सकती हैं, लेकिन पुरुष वर्ग महिलाओं को आगे बढ़ाने में खास रुचि नहीं दिखाते। सामाजिक भेदभाव, महिला अत्याचार, कन्या भ्रूण हत्या जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। महिलाओं ने बालिका शिक्षा पर भी जोर दिया।
इसके लिए सभी से आगे आने का आह्वान किया गया। मधुबाला कांडपाल ने संचालन किया। गोष्ठी में नायल, बोरखोला, सुरना, बिंता, रणां, सलना, ध्याड़ी, कोणा, भुमकिया, गनोली आदि क्षेत्रों की महिलाओं ने शिरकत की। दैरी में पैरालीगल वालंटियर नंदिता भट्ट ने महिला अधिकारों को लेकर कानूनी जानकारी दी। प्रधान पुष्पा तिवारी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
पीजी कॉलेज में प्राचार्य डॉ. भरत जी उपाध्याय की अध्यक्षता में एनएसएस शिविर में आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता ही महिला सशक्तीकरण के लिए जरूरी है विषय पर भाषण प्रतियोगिता हुई। इसमें स्वाति उपाध्याय पहले, कामना दूसरे, मुकेश कुमार, इंदिरा आर्या तीसरा स्थान पर रहे। महिला डेरी विकास उत्तराखंड अल्मोड़ा की ओर से बग्वालीपोखर दुग्ध समितियों की महिला सदस्यों का सेमिनार आयोजित किया गया।