शराब की दुकान का विरोध करतीं महिलाएं।
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खीड़ा में सरकारी शराब की दुकान खुलने की भनक से आक्रोशित महिलाओं ने खीड़ा में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए शराब की दुकान का विरोध किया है। महिलाओं ने दुकान किराए पर देने वाले का सामाजिक बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी है। जुलूस में शामिल महिलाएं खीड़ा में शराब की दुकान नही खुलने देंगे जैसे नारे लगा रही थीं।
लोग भले ही स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों से वंचित हैं, परंतु हमारी सरकारें गांव-गांव में शराब की दुकानें खोलने पर आमादा हैं। इसी क्रम में खीड़ा में अंग्रेजी और देसी शराब का ठेका खोले जाने की तैयारियों के बीच उसका विरोध भी शुरू हो गया है। शराब की दुकान खोले जाने की भनक लगने से आक्रोशित महिलाओं ने खीड़ा क्षेत्र में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और किसी भी कीमत पर ठेका न खुलने देने की बात कही। महिलाओं ने शराब ठेके के लिए दुकान किराए पर देने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी है।
महिलाओं का कहना है कि शराब से पहाड़ की बर्बादी के सिवाय कुछ हासिल होने वाला नहीं है फिर खीड़ा जैसे शांत क्षेत्र में शराब की दुकान खुलने से युवा पीढ़ी को गलत रास्ते पर जाने से रोक पाना मुश्किल होगा। जुलूस प्रदर्शन में कमला देवी, आनंदी, सीता, चंपा, अनूली, लछिमा, भागुली, चना, गांगूली, तारा, पदमा, सरस्वती, जानकी, सरिता, लछूली व पार्वती देवी सहित कई महिलाएं शामिल थी।