अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) की ओर से मडुवा थ्रेशर कम पर्लर के डुम्मिढ़ और डिगरा गांव में प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। किसानों को मडुवा थ्रेशर कम पर्लर की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और सुरक्षित संचालन के तरीके बताए गए।
दोनों कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच तकनीकी संवाद को बढ़ावा देना और मशीन की सहायता से मडुवा की मड़ाई और पर्लिंग कार्य में श्रम, समय और लागत की बचत के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना था। तकनीशियन सुरेंद्र सिंह ग्वाल और फसल कटाई उपरांत इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के अन्य स्टाफ ने मशीन की विशेषताओं का विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मशीन की मडुवा और मादिरा की मड़ाई क्षमता 40–60 किलोग्राम प्रति घंटा, मंडुवा की पर्लिंग क्षमता 60-80 किलोग्राम प्रति घंटा है।
मादिरा का छिलका निकालने की क्षमता 2.5–4 किलोग्राम प्रति घंटा है। इस दौरान मशीन का सजीव प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें गांव की महिला किसानों ने स्वयं मडुवा थ्रेशर चलाकर इसके सरल और सहज संचालन का अनुभव प्राप्त किया। दोनों ही गांवों में आयोजित इन तकनीकी कार्यक्रमों में ग्राम प्रधान बिमला देवी सहित 70 किसानों ने प्रतिभाग किया।