ईड़ा गांव में मजखौ नौले की सफाई करतीं महिलाएं।
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खंडहर में तब्दील हो रहे प्राचीन नौलों को पुनर्जीवित करने के लिए ग्रामीण महिलाओं ने बीड़ा उठा लिया है। जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत ईड़ा में नौलों के सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। बता दें कि इस ग्राम पंचायत में लोग पेयजल के लिए परेशान रहते हैं। क्षेत्र में आधा दर्जन प्राचीन नौले हैं, जिनमें से अधिकांश नष्ट होने के कगार पर हैं। प्रवासियों की मदद से क्षेत्र की महिला मंगल दलों ने अब इन नौलों को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है। सफाई करने के बाद ग्रामीण नौलों को रिचार्ज करने के लिए आसपास बांज के पौधे लगाएंगे।
ईड़ा ग्राम पंचायत द्वाराहाट ब्लाक में पड़ती है। इसमें 150 से अधिक परिवार रहते हैं। यहां के लिए गगास से स्वीकृत पेयजल योजना आज तक नहीं बन सकी है। गांव वालों को गगास से पानी तक ढोना पड़ता है। गांव में छह प्राचीन नौले हैं, लेकिन अधिकतर नौले खंडहर हो चुके हैं। इन नौलों की दशा सुधारने के लिए गांव के प्रवासी मुंबई निवासी दिनेश बिष्ट, रुद्रपुर निवासी विरेंद्र बिष्ट आदि सहयोग कर रहे हैं। इसी क्रम में महिला मंगल दलों से जुड़ी महिलाओं ने मजखौ नौले की सफाई की। यह नौला पिछले 35 सालों से बंद पड़ा है। महिलाओं ने नौले के आसपास उगी झाड़ियों को साफ किया।
नौले में पटी मिट्टी को हटाया। महिलाओं ने बताया कि नौलों को रिचार्ज करने के लिए बांज के पौधे भी लगाए जाएंगे। दिनेश बिष्ट ने बताया कि नौले रिचार्ज होंगे तो ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीर भी प्यास बुझा सकेंगे। नौले के आसपास पथिकों के विश्राम करने की जगह भी बनाई जाएगी। द्वाराहाट की ब्लॉक प्रमुख ममता भट्ट ने भी इस कार्य में सहयोग करने का आश्वासन दिया है। विधायक से भी सहयोग मांगा गया है।