हिमालय यूनिटी मिशन (हम) की गांव बचाओ यात्रा में पहुंचे पद्मश्री डा.अनिल जोशी ने कहा कि महिलाओं के बलबूते ही पर्वतीय क्षेत्र के गांव बचे हुए हैं। बसभीड़ा के घुंगोली में हुई सभा में उन्होंने कहा राज्य स्थापना के सोलह साल बाद भी गांव में मूल जरूरत पूरी नहीं हो सकी है।
सभा में करीब 26 गांवों के प्रतिनिधि शामिल हुए। डा. जोशी ने कहा कि सरकारों की गलत नीतियों के चलते आज हर गांववासी स्वयं को ठगा महसूस कर रहा है। गांवों को बचाने के लिए राज्य आंदोलन की तरह ही एक और बड़े आंदोलन की जरूरत है। स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों की कमी, शराब और मनमाने खनन ने गांवों से पलायन को चरम पर पहुंचा दिया है। डा. जोशी ने कहा कि कई राजनेता यह कह रहे हैं कि चुनाव जीतना आसान है- पैसा बिछा दो, शराब बांट दो। ऐसे लोगों को सबक सिखाना जरूरी है।
यह भी देखना होगा कि वोट देने का आधार क्या है। रघु तिवारी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण गांव उजड़ रहे हैं। घुंगोली पहुंचने पर अमन संस्था की ओर से डा. जोशी और अन्य लोगों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लाक प्रमुख बिशन राम और संचालन अमन की नीलिमा भट्ट ने किया। डा. हिमानी पुरोहित, मनमोहन नेगी, द्वारिका सेमवाल, बालादत्त तिवारी, मधुबाला कांडपाल, जसीराम, सत्येंद्र पंवार, प्रमोद जोशी, विकास पंत, शुभम भट्ट, यालिनी नेगी, रागिनी आदि ने विचार रखे।