लंबे समय से पेयजल अव्यवस्था से जूझ रही कैड़ारो घाटी की महिलाओं ने यहां जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी कर दी। उन्होंने गांव की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। कहा कि सात साल पूर्व आंदोलन के दौरान शीघ्र समस्या से निजात मिलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक समस्या जस की तस पड़ी है। कनिष्ठ अभियंता ने बुधवार को योजना का निरीक्षण करने का आश्वासन दिया, इसके बाद महिलाएं शांत हुईं।
कौराड़ी ग्राम पंचायत में पेयजल किल्लत से जूझ रही महिलाओं ने 15 किमी दूर द्वाराहाट पहुंचकर कार्यालय में तालाबंदी कर दी। महिलाओं का कहना था कि 1980 के दशक निर्मित अल्मियांगांव-कौराड़ी पेयजल योजना में विंता और सिमल्टी गांव को नियमित रूप से पानी दिया जाता है। जबकि कौराड़ी गांव में ग्रामीणों को लंबे समय से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। अव्यवस्था के खिलाफ 2007 में आंदोलन किया था, इसके बाद कुछ माह व्यवस्था ठीक चली। इसके बाद फिर से ढाक के तीन पात।
कौराड़ी गांव के ऊपर पेयजल टैंक भी अलग से बनाए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। 18 मवास वाले इस गांव में मात्र तीन स्टेंड पोस्ट और एक निजी संयोजन है। स्टेंड पोस्ट में एक एक बाल्टी भी पानी नहीं मिल रहा। 18 मवास रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विंता और सिमल्टी बाजार में मेन लाइन से संयोजन दिए गए हैं, लेकिन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कनिष्ठ अभियंता पीके जोशी ने कल 21 जनवरी को योजना स्थल का निरीक्षण कर खामियों को दूर करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद ही ताला खोला गया। नौलाकोट की प्रधान कमला बोरा, रेवती देवी, सरोज पांडे, चंपा देवी, सरस्वती देवी, पार्वती देवी, बसंती देवी, भावना जोशी, दीपा जोशी, दिव्या जोशी, ममता जोशी, सुनीता जोशी आदि महिलाएं मौजूद थी।