वन पंचायत सरपंचों की बैठक में किसानों की समस्याएं छाई रहीं। कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूअरों और तेंदए ने आतंक मचा रखा है। सूअर खेती-बाड़ी चौपट कर रहे हैं, जबकि तेंदुओं के हमलों से लोग दहशत में हैं। इस सबके बावजूद वन विभाग मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से बरी हो जाता है, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई कवायद नहीं की जाती। सरपंचों ने उरेडा के तहत सोलर लाइट के तारों का जाल बिछाने की मांग उठाई।
भिकियासैंण ब्लाक के गैरगांव में सरपंच भूपाल सिंह भंडारी की अध्यक्षता में यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा तेंदुओं और जंगली जानवरों के आगे विभाग पूरी तरह लाचार बना है। आवारा सूअरों ने ग्रामीणों की खेती बाड़ी चौपट कर दी है। नौ अप्रेल को बागेश्वर में वन पंचायत के जिलाध्यक्ष अर्जुन राणा की बालिका को तेंदुए ने मार डाला। सरपंच भूपाल सिंह भंडारी ने कहा कि वन विभाग मुआवजा देने तक ही सीमित है, कभी सुरक्षा की ओर कदम नहीं उठाया जाता। उरेडा के माध्यम से सोलर तार लगाने चाहिए। गांवों के करीब उगी बड़ी-बड़ी झाड़ियों में जंगली जानवरों ने अपने आवास बना लिए हैं, इनका नियमित निस्तारण किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर सरपंच आंदोलन करेंगे। सरपंच दीवान चंद्र, चंदन सिंह, उमा देवी, बालम सिंह, विजय सिंह, आनंद सिंह आदि मौजूद थे।