सूअरों के हमले घायल महिला घाव दिखाती हुई। संवाद न्यूज एजेंसी
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली सुअरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिन की खामोशी के बाद सुअर ने अब नाफणा गांव में घास लेने गईं दो महिलाओं पर हमला बोल दिया। सुअर के झपटते ही महिलाएं नीचे खेत में जा गिरी और चोटिल हो गईं। गनीमत रही दोनों महिलाओं के हो हल्ले से सुअर भाग गया। महिलाओं का यहां राजकीय अस्पताल में उपचार चल रहा है।
बता दें कि एक महीने पहले नाफणा गांव के ठीक सामने वाले डढोली गांव में जंगली सुअर ने एक महिला को बुरी तरह से घायल कर दिया था। अब फिर से जंगली सुअर उस क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। बताया गया है कि शुक्रवार की सुबह 10 बजे नाफणा गांव निवासी पुष्पा देवी पत्नी पान सिंह और दीपा देवी पत्नी कुंदन सिंह घास लेने के लिए जा रही थीं। भूमियां मंदिर के पास उनके घास के लुट्टे लगे हैं। बताया जा रहा है कि जंगली सुअर ने लुट्टों के नीचे अड्डा बनाया हुआ है। महिलाओं के आने की आहट सुनते ही सुअर बाहर आया और महिलाओं पर पीछे से झपट पड़ा। जिससे दोनों महिलाएं नीचे खेतों में जा गिरीं। पुष्पा देवी के पांव में चोटें आई हैं। जबकि दीपा देवी की कमर और टांग में चोटें हैं। महिलाओं के हो हल्ले से सुअर वहां से भाग गया। बाद में ग्रामीण वहां से दोनों को गांव लाए। इधर, दोनों का राजकीय अस्पताल में उपचार कराया गया। प्रधान सुनीता बिष्ट और सामाजिक कार्यकर्ता जगत सिंह ने बताया कि गांव में जंगली सुअर और तेंदुए ने खासा आतंक मचाया हुआ है। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों के आतंक के चलते ग्रामीणों ने सजगोड़ी वाला रास्ता ही बंद कर दिया है।