धौलादेवी ब्लॉक में वीएल 382 सफेद मडुए की बुआई करता किसान।
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अल्मोड़ा जिले में पहली बार सफेद मडुवे की फसल लहलहाएगी। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएस) ने सफेद मडुए की नई किस्म वीएल 382 विकसित की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इसमें काले मडुए से अधिक प्रोटीन और कैल्शियम पाए जाते हैं। इसकी फसल भी जल्द तैयार हो जाती है।
कृषि विभाग को इस नई प्रजाति को किसानों के खेतों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग ने धौलादेवी ब्लॉक में रीप परियोजना के तहत डसीली गांव में .8 हेक्टेयर में आठ किलो वीएल 382 सफेद मडुए का बीज बोया है। अभी इससे केवल बीज तैयार किया जाएगा। फसल पकने पर समूह के माध्यम से बीज को किसान को उपलब्ध कराया जाएगा। बीज उत्पादन के लिए विभाग ने किसानों को सफेद मडुवे का बीच निशुल्क उपलब्ध कराया है।
50 हेक्टेयर में बोया गया है काला मडुवा
सफेद के साथ ही कृषि विभाग ने 50 हेक्टेयर भूमि पर पांच क्विंटल काले मडुए का बीज बोया है। काले मडुवे का बीज किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगा।
पोषक तत्वों से भरपूर
मडुवा पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है। इसमें फाइबर, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन पाए जाते हैं लेकिन सफेद मडुवे में लोगों को अधिक प्रोटीन और कैल्शियम मिलेगा।
धौलादेवी ब्लॉक में आठ किलो वीएल-382 सफेद मडुए से बीज तैयार किया जा रहा है। फसल पकने पर किसानों से इसे 51 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। फिर समितियों के माध्यम से किसानों को बीज सब्सिडी पर दिया जाएगा। - आनंद गोस्वामी, प्रभारी सीएओ, अल्मोड़ा।