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धौलछीना में सफेद मक्खी का प्रकोप, फसलें बर्बाद

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धौलछीना में एक किसान के खेत में सब्जी के पत्ते में लगी सफेद मक्खियां। - फोटो : amar ujala
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 धौलछीना के किसान इन दिनों सफेद मक्खी (मक्खी के आकार का छोटा सफेद कीड़ा)के प्रकोप के कारण परेशान हैं। खेतों में, पॉलीहाउस में घुस चुकी सफेद मक्खी ने किसानों की सब्जी को खराब कर दिया है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कृषि विभाग के कर्मचारी मक्खी के नियंत्रण को प्रत्येक सप्ताह दवा का छिड़काव करने की सलाह दे रहे हैं लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हो रहा। 

धौलछीना निवासी लघु किसान चंद्र सिंह महरा ने बताया कि उन्होंने महंगे बीज और खाद खरीदकर अपने पॉलीहाउस में गोभी, बैगन, बीन, शिमला मिर्च, लौकी, तुरई आदि की सब्जी बोई। फसल बड़ी हुई तो पहले तो पत्ते पीले पड़ने लगे उसके तीन चार दिनों बाद काले होकर गिरने लगे और पत्तों पर छोटे-छोटे छेद भी होने लगते हैं। कृषि विभाग और उद्यान विभाग से मंहगा कीटनाशक खरीदकर उन्होंने इसका छिड़काव भी कर लिया लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा।
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दियारी गांव निवासी किसान गोधन सिंह ने बताया कि हजारों रुपये खर्च कर पॉलीहाउस लगवाया है, लेकिन सफेद रंग की मक्खी नुमा कीड़ा सब्जियों को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग और उद्यान विभाग के कर्मचारी किसानों को हर बार प्रयोग के तौर पर नई-नई दवाएं दे कर पल्ला झाड़ रहे हैं। एक बार छिड़काव के बाद दो से तीन दिन बाद दोबारा कीड़े का प्रकोप शुरू हो जाता है।
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कोट-
 जिस गांव में यह समस्या पैदा हो रही इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है। सफेद मक्खी के प्रभाव को रोकने के लिए वीपीकेएस और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से जानकारी ली जाएगी। 
मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह।
 

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