जीआईसी धौलछीना का पुराना जीर्ण-शीर्ण भवन।
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विकासखंड भैसियाछाना के ब्लॉक मुख्यालय धौलछीना का राजकीय इंटर कालेज का पुराना भवन जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। जीर्ण-शीर्ण होने के कारण भवन कब ध्वस्त हो जाए कहा नहीं जा सकता। जर्जर भवन में सांप, बिच्छू रेंग रहे हैं। बावजूद इसके यहां स्कूली बच्चों के लिए मिड डे मील बनाया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक जीआईसी धौलछीना का पुराना भवन दशकों पुराना है। जिसमें पूर्व में कक्षाएं चलती थीं। भवन जीर्ण शीर्ण होने के कारण यहां वर्तमान में कक्षाएं तो नहीं चलती हैं, लेकिन जीआईसी के बच्चों के लिए मिड डे मील जरूर तैयार होता है। पुराने भवन के पास में विधायक निधि और अन्य निधियों से पांच कमरे बने हैं वहीं बच्चों की कक्ष्राएं चलती हैं। न तो इस पुराने भवन का जीर्णोद्धार किया गया और ना ही इसे ढहाया गया। भवन की छत पर लगी लकड़ी की बल्लियां भी सड चुकी हैं। खेल मैदान में खेलते हुए बच्चे अक्सर इस पुराने भवन में चले जाते हैं। पिछले साल ही भवन की छत का एक हिस्सा बरसात में भरभरा कर गिर गया था। संयोग से जिस दिन भवन की छत गिरी उस दिन विद्यालय में छुट्टी थी।
शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष दरवान सिंह रावत ने शिक्षा विभाग से पुराने भवन को बरसात से पूर्व तोड़ने और पत्थरों आदि की नीलामी की मांग की है ताकि बच्चों के जीवन पर मंडरा रहे खतरे को दूर किया जा सके। इधर विद्यालय के प्रधानाचार्य दया राम का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग के अधिकारियों को भवन के धवस्तीकरण के लिए पत्राचार किया है, लेकिन इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी है।