चौखुटिया में यात्रियों और शौचालय विहीन बाहरी लोगों के पास खुले में शौच के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं है। असल में बस स्टैंड के निकट बने शौचालय को अतिक्रमण के नाम पर बेवजह ही तोड़ देने और सालभर पूर्व बनकर तैयार हुए शौचालय को अब तक चालू न किए जाने से यह स्थिति पैदा हुई है। जिसके चलते पावन राम गंगा के दोनों छोरों पर बढ़ती गंदगी को रोकने का कोई उपाय फिलहाल नजर नहीं आ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को किस तरह से पलीता लगाया जा रहा है इसकी बानगी प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण के निकट स्थित चौखुटिया आकर देखी जा सकती है। करीब साढ़े चार सौ दुकानों और तकरीबन तीन हजार की आबादी वाले इस उपनगर में एक शौचालय का न होना एक ऐसी सच्चाई है जिसने क्षेत्र में आने वाले हर मुसाफिर को रुलाकर रख दिया है। असल में बस स्टैंड के निकट बने शौचालय को अतिक्रमण के नाम पर बेवजह ही तोड़ कर लाखों की लागत से बने दूसरे हाईटेक शौचालय को उद्घाटन के साल भर बाद भी चालू न करने से स्थिति विकट हो गई है।
जिसके चलते बाहर से आने वाले यात्रियों और शौचालय विहीन अन्य बाहरी मजदूरों को रामगंगा के दोनों छोरों पर खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
दस सालों से नही हो पाया सूचना केंद्र के शौचालयों का उपयोग
दस साल पूर्व बनाए गए पर्यटक सूचना केंद्र में भी दो शौचालयों का निर्माण किया गया है, परंतु अफसोस है कि इन दस सालों में एक दिन के लिए भी पर्यटक सूचना केंद्र का दरवाजा नहीं खोला गया है। ऐसी स्थिति में शौचालयों का उपयोग करने का तो सवाल ही नहीं उठता है। पर्यटक सूचना केंद्र और उसके निकट बने रैन बसेरे के निर्माण से धन की बर्बादी के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ।
तो फिर स्वच्छता अभियान की हवा निकलनी तय है
अमर उजाला ने कुछ माह पूर्व भी शौचलयों के अभाव में हो रही दिक्कतों का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था, परंतु इसके बावजूद न तो गहरी निंद्रा में सोई व्यवस्था जागी और न ही जनप्रतिनिधि। बहरहाल स्वच्छता के नाम पर हाथों में झाडू लेकर फोटो खिंचवाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अनुशरण करने का दावा करने वाले स्वच्छता के झंडाबरदार भी इस मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। यही स्थिति अन्य क्षेत्रों में भी रही तो फिर स्वच्छ भारत अभियान की हवा निकलनी तय है।
क्षेत्र में शौचालय संबंधी समस्या वास्तव में गंभीर है। अभी अवकाश पर हूं। लौटने के बाद बंद पड़े शौचालय को अतिशीघ्र खुलवाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा। साथ ही बस स्टैंड के निकट के क्षतिग्रस्त शौचालय की मरम्मत कराकर उसे चालू कराया जाएगा। पर्यटक सूचना केंद्र क्यों बंद हैं इसकी भी तहकीकात की जाएगी।
सतीश बर्थवाल
तहसीलदार-चौखुटिया