स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए गांव-गांव कूच करते हुए संघर्ष को प्रदेशव्यापी बनाने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में चौखुटिया में हुई राजधानी बनाओ गर्जना रैली के मौके पर आयोजित सभा में गैरसैंण के स्थायी राजधानी बनने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर सभी दलों के लोगों से साथ आकर व्यापक आंदोलन शुरू करने की अपील की गई।
रामगंगा के तट पर स्थित अगनेरी मंदिर परिसर के बहुउद्देश्यीय सभागार में स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति की ओर से गर्जना रैली के मौके पर हुई सभा में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए लोगों को फिर से एकजुट कर संघर्ष की रूपरेखा बनाने पर जोर दिया गया। कहा गया। कहा कि राज्य निर्माण के अट्ठारह साल बाद भी आम उत्तराखंडवासियों के सपनों के अनुरूप राजधानी का निर्माण नहीं हो पाया है। सभा में कहा गया कि राजधानी के लिए राज्य आंदोलन की तरह एक बड़े आंदोलन की जरूरत है। कहा गया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और सिंचाई जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही जनता की समस्याओं का समाधान राज्य के केंद्र बिंदु गैरसैंण में राजधानी बनने से ही हो सकता है।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि गैरसैंण महज एक स्थान नहीं है बल्कि आम जनता की उन भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जिनके माध्यम से उन्हें अपनी तमाम समस्याओं का समाधान नजर आता है। वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और पर्यटन उत्तराखंड की रीढ़, है परंतु सरकार की गलत नीतियों के चलते इन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
सभा को संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष चारू तिवारी, राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, गजेद्र सिंह नेगी, कमला पवार, मनीष सुंदरियाल, रामबहादुर, जीवन नेगी, एलडी मठपाल, राजेंद्र कांडपाल, आनंद सिंह बिष्ट, चंद्र सिंह नेगी, मनोहर रावत, प्रेमसिंह अटवाल, बिपिन शर्मा आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी और संचालन नरेंद्र मेहरा ने किया। इस मौके पर चौखुटिया और गैरसैंण ब्लॉक के तमाम लोग मौजूद थे।