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कोरोना ने विश्व के सभी देशों की आर्थिक रीढ़ तोड़ी: प्रो. इला साह

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वे बिनार को संबोधित करती प्रोफेसर इला साह। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर में बुधवार को आयोजित वेबिनार में ‘कोविड-19 से उत्पन्न आर्थिक संकट : समस्या और समाधान’ विषय पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता और कुमाऊं विवि नैनीताल की समाजशास्त्र विभाग की संयोजक प्रो. इला साह ने कहा कोरोना काल सबके लिए भयंकर दौर है। इसने सभी देशों की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताई। कहा कि इस पर सरकारों को जल्द उचित उपाय करने होंगे। अन्यथा युवा पीढ़ी को मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा।
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समाजशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार में प्रो. इला ने कहा कि कोरोना के कारण भारत में मानव मूल्यों का हृास हुआ है। सामाजिक ताने-बाने में बिखराव हुआ है। बेरोजगारी बढ़ी है लेकिन परिवार के एकीकरण, पर्यावरण, नदियों की शुद्धता भी बढ़ी है। सभी को रोजगार दिलाने की चुनौती है। आयोजन सचिव डॉ. रेनू प्रकाश ने कहा कि हमें स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर बेरोजगारी कम करनी होगी। डॉ. हेमा जोशी ने कहा कि प्रवासियों को रोजगार दिलाना बड़ी चुनौती है। पलायन आयोग की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि उत्तराखंड में जून तक ढाई लाख प्रवासी लौटे हैं। इनमें सबसे अधिक पौड़ी और अल्मोड़ा में आए हैं। आशीष पंत ने कहा कि कोरोना रूपी चुनौती से सीख लेनी चाहिए। सावित्री जोशी, मानसी, प्रतिभा पंत और राधा अधिकारी ने कहा कि कोरोना से रोजगार कम हो गए हैं। डॉ. ललित चंद्र जोशी योगी ने कहा कि सबके सहयोग से बेरोजगारी दूर करनी होगी। इससे पहले मुख्य अतिथि प्रो. इला साह और आयोजक सचिव डॉ. रेनू प्रकाश आदि ने वेबिनार का शुभारंभ किया। डॉ. रेनू प्रकाश ने संचालन किया। वेबिनार में डॉ. दया उप्रेती, डॉ. कुसुमलता, डॉ. पुष्पा वर्मा, डॉ. रश्मि टम्टा, सरिता त्रिकोटी, ऋचा, रश्मि गोयल, राखी केसरी, फरहा खान, डॉ. लीलेंद्र, चेतना आर्य, चंद्रनाथ साह, निष्ठा साह, सौंदर्य साह सहित कई शिक्षक, शोधार्थी शामिल हुए।
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