कोसी पंपिंग हाउस में बिजली आपूर्ति ठप होने से लिफ्ट नहीं हुआ पानी, नरसिंहबाड़ी के टैंक में वॉल्व खराब
अल्मोड़ा। कोसी पंपिंग हाउस में बिजली आपूर्ति बाधित होने से नगर के कई जलाशयों में पानी लिफ्ट नहीं हुआ। इससे रविवार को आधे नगर में जलापूर्ति ठप रही। 18 हजार से अधिक की आबादी को दिक्कत झेलनी पड़ी। नलों में पानी न आने से लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
नगर की प्यास बुझाने वाली कोसी योजना के पंप हाउस में शनिवार रात बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे नगर के जलाशयों में जलापूर्ति नहीं हुई। रविवार को खत्याड़ी, दुगालखोला, लोअर माल रोड, खोल्टा, धारानौला, थपलिया, जोशीखोला, न्यू इंद्रा कॉलोनी सहित अन्य हिस्सों में जलापूर्ति ठप रही। सुबह के समय लोग पानी का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। जल संस्थान ने दोपहर बाद बिजली खराबी को दूर कर नगर के जलाशयों में जलापूर्ति सुचारू की लेकिन लोगों को घरों तक पानी पहुंचने के लिए इंतजार करना होगा।
नरसिंहबाड़ी जलाशय का वॉल्व खराब
अल्मोड़ा। नरसिंहबाड़ी जलाशय के वॉल्व में खराबी आ गई। ऐसे में इस जलाशय से जुड़े उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिला। सूचना के बाद जल संस्थान की टीम ने मौके पर पहुंचकर खराबी को दूर किया। हालांकि कोसी पंप हाउस में बिजली आपूर्ति ठप रहने से इस जलाशय में भी जलापूर्ति नहीं हो सकी, लेकिन पहले से ही शेष पानी भी वॉल्व की खराबी से घरों तक नहीं पहुंचा। संवाद
रानीखेत में गहराया जल संकट
रानीखेत। नगर में जल संकट गहरा गया है। जलस्तर घटने से देवीढुंगा योजना और छह ट्यूबवैल से पर्याप्त पानी नगर में नहीं पहुंच रहा। ऐसे में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही है। इन हालात में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा और उन्हें प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी कुनाल रोहिला ने कहा कि पेयजल योजनाओं से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, इससे दिक्कत आई है। व्यवस्था के तहत एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। जल संस्थान की मदद से कुछ बोरवेल को ठीक करने के प्रयास हो रहे हैं। संवाद
कोट- कोसी पंपिंग योजना में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से कुछ घंटों के लिए पानी लिफ्ट नहीं हुआ। वहीं नरसिंहबाड़ी जलाशय के वाल्ब में खराबी आ गई थी। ऐसे में कुछ हिस्सों में जलापूर्ति प्रभावित रही। खराबी को दूर कर जलापूर्ति सुचारू कर दी गई है।- अरुण कुमार सोनी, ईई, जल संस्थान, अल्मोड़ा।