अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने के साथ ही नगर और जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। सड़क से लगे आबादी क्षेत्र में तो जल संस्थान पेयजल टैंकर भेजकर लोगों की प्यास बुझा रहा है लेकिन जिले के दूरस्थ गांवों में जहां सड़क नहीं है वहां पानी के लिए हाहाकार मचा है।
इस बार बारिश बहुत कम होने के कारण प्राकृतिक स्रोत भी रिचार्ज नहीं हुए हैं। इससे भविष्य में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। शनिवार को पेयजल संकट ग्रस्त इलाकों में जल संस्थान ने टैंकर भेजकर पानी बांटा। टैंकर को देखते ही लोग खाली बर्तनों के साथ पानी लेने टूट पड़े।
अल्मोड़ा शहर में गर्मी के मौसम में पेयजल किल्लत की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। हर साल गर्मी के दस्तक देते ही पेयजल किल्लत भी शुरू हो जाती है। इस बार भी गर्मी में पेयजल संकट गहराने लगा है। लोगों ने बताया कि नगर में तमाम मोहल्लों में पानी जरूरत के मुताबिक नहीं मिल रहा है।
कभी किसी मोहल्ले में संकट हो रहा हो कभी पानी ही नहीं आ रहा है। नगर के बेस डॉक्टर हास्टल समेत जिले के नैनोली, मोतियापाथर, नगरखान, बलम, ठटवालगांव, धुरा तोक, डीनापानी, मेर गांव आदि इलाकों में पानी की त्राहि-त्राहि मची है। उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई इलाकों में पेयजल स्रोतों भी पानी कम होने लगा है। इससे पेयजल संकट और भी गहराने के आसार हैं। दूरस्थ गांवों में तो हाल और भी खराब है। गांव के नौलों में पानी के स्रोत में पानी कम होते जा रहा है। जल संस्थान ने शनिवार को सड़क से लगे नैनोली, मोतियापाथर नगरखान, बलम, ठटवालगांव, धुरा तोक, बेस डॉक्टर हॉस्टल, डीनापानी, मेर गांव आदि इलाकों में पेयजल टैंकर भेजा।
लोगों ने क्षेत्र में जैसे ही पेयजल टैंकर पहुंचा देखा तो वह अपने घरों से खाली बर्तन लेकर टैंकर पर टूट पड़े। लोगों में पेयजल टैंकर से पानी लेने की होड़ मची रही। जिले के कई गांवों में आज भी सड़क नहीं पहुंची है। ऐसे में इन गांवों में टैंकर पहुंचना नामुमकिन है। इन गांवों में पानी की समस्या होने पर ग्रामीणों को खुद ही पेयजल का जुगाड़ करना पड़ता है।