जलसंकट के कारण शौचालय गंदगी से पटे, जंगल में जाते हैं बच्चे और शिक्षक
अल्मोड़ा। राजकीय इंटर कॉलेज अंडोली में लगे नलों से दो साल से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है। मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए भोजनमाताओं को गांव के जलस्रोतों से सिर पर पानी ढोना पड़ रहा है। पानी के अभाव में छात्र-छात्राएं और शिक्षक शौच के लिए जंगल जाने के लिए मजबूर हैं।
गुरुड़ाबांज-घुरकुना मोटर मार्ग निर्माण के दौरान विद्यालय तक पानी पहुंचाने वाली पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों और शिक्षकों के प्रयास के चलते किसी तरह पेयजल लाइन को दुरुस्त किया गया लेकिन यह फिर आपदा की भेंट चढ़ गई। पानी नहीं होने से विद्यालय में अध्ययनरत 137 छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चे प्यास बुझाने के लिए घरों से ही पानी लाते हैं। विद्यालय के शौचालयों पानी के अभाव में गंदगी से पटे हुए हैं।
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विद्यालय में पेयजल की समस्या को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को बताया गया था। दो सालों से इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पानी के अभाव में शौचालय में सफाई नहीं हो पा रही है। - मनीष कुमार, प्रभारी प्रधानाचार्य, जीआईसी अंडोली अल्मोड़ा।