अल्मोड़ा। पालिका सभागार में आयोजित बैठक में नागरिकों ने जल संस्थान द्वारा भवनों के कारपोरेट एरिया के आधार पर जल मूल्य वसूलने और इसमें हर साल 15 फीसदी की बढ़ोतरी करने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सरकार से लाइनों में मीटर लगाकर खपत के आधार पर बिल लेने और 15 फीसदी की बढ़ोतरी का शासनादेश को वापस लेने की मांग की। लोगों ने घरों को पानी सप्लाई करने वाली लाइनों को नालों और रास्तों से हटाने की मांग भी उठाई।
पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने नगर की पेयजल समस्या के निदान को लेकर नागरिकों की सुझाव बैठक बुलाई थी। बैठक में पहुंचे अधिकांश लोगों ने पर्याप्त पानी नहीं मिलने और वर्तमान में सप्लाई हो रहे पानी की गुणवत्ता को लेकर असंतोष जताया और जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को खूब खरी खोटी सुनाई। लोगों ने कहा कि नगर की आबादी लगातार बढ़ रही है। जल संस्थान मांग के सापेक्ष पानी पर्याप्त पानी उपलब्ध कराए बगैर पूरा बिल वसूल कर रहा है।
हाल के दिनों में गंदा पानी आने से बीमार होने की आशंका है, लेकिन विभाग कुछ नहीं कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं से खपत के आधार पर पानी का बिल वसूलने के बजाए पालिका द्वारा भवन के आकार के आधार पर निर्धारित कर के मुताबिक बिल वसूल रहा है। इस पर भी हर साल 15 फीसदी की बढ़ोतरी करना न्यायोचित नहीं है। जल संस्थान के ईई नंद किशोर ने बताया कि कोसी पंपिंग योजना चार दशक से अधिक पुरानी है।
नदी से गंदा पानी खींच कर फिल्ट्रेशन यूनिट तक पहुंचाने को पंपों की क्षमता नहीं है। इसी के चलते 14 एमएलडी प्रतिदिन मांग के सापेक्ष करीब नौ एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। सुधार के लिए नौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
बैठक में एसडीएम विवेक राय ने कहा कि सुझावों को शासन को प्रेषित कर समाधान के प्रयास किए जाएंगे। अर्बन बैंक अध्यक्ष आनंद सिंह बगडवाल, मदन लाल साह, पीसी तिवारी, दीपक वर्मा, अशोक पांडे, श्याम पांडे, राजेंद्र तिवारी, जीवननाथ वर्मा, कंचन भट्ट्, किरन साह आदि मौजूद थे।