ल्मोड़ा के शीतलाखेत में हुई गोष्ठी में डीएम नितिन भदौरिया और अन्य।
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अल्मोड़ा। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के तहत हवालबाग के शीतलाखेत में वन-धन केंद्र बनेगा। इसमें जनजातीय परिवारों के उत्पादकों के उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार की जनजातीय मंत्रालय की संस्था (ट्राइफेड) के माध्यम से विपणन करने की योजना बनाई है। इसके तहत जनजातीय परिवारों के साथ गोष्ठी की गई।
इसमें ट्राईफेड के प्रतिनिधि चमन सिंह ने गोष्ठी में जनजातीय परिवारों, उत्पादक समूहों के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि ट्राइफेड द्वारा जनजातीय परिवारों के बेहतर आय और आजीविका अवसर के लिए उत्पादित और निर्मित स्थानीय उपज और उत्पादों के बेहतर मूल्य में विपणन के लिए पूरे भारत में ट्राइब्स ब्रांड नाम से 127 आउटलेट खोला जा रहा है। जनजातीय परिवारों, समूहों के दक्षता विकास के लिए प्रसंस्करण, विपणन, पैकेजिंग, प्रशिक्षण योजनाओं की जानकारी दी। जनजातीय परिवारों, उत्पादक समूहों ने ट्राईफेड के प्रतिनिधि को स्थानीय कृषि उपज के बारे में जानकारी दी। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि वर्तमान में ट्राईफेड, जनजातीय परिवारों के उत्पादों का विपणन अपने आउटलेट के साथ ही ऑनलाइन स्वयं की वेबसाइट के माध्यम से कर रहा है। इससे उत्पादकों को उनके उत्पाद का स्थानीय बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले में ट्राईफेड के माध्यम से वन-धन केंद्र स्थापित करने के लिए ट्राईफेड और शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। गोष्ठी में प्रभागीय परियोजना प्रबंधक कैलाश भट्ट, डीएचओ टीएन पांडे, आईएलएसपी टीम से सहायक प्रबंधक प्रदीप सिंह गुसाईं, राजेश मठपाल, खाद्य तकनीकी विशेषज्ञ शमशेर अली, आजीविका समन्वयक अर्जुन सिंह आदि थे।