अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में छात्रसंघ चुनाव के दौरान उपाध्यक्ष पद पर नामांकन ने अंतिम समय में दिलचस्प मोड़ ले लिया था। शुरूआत में इस पद पर सुमित जोशी और भाष्कर जोशी उपाध्यक्ष पद के दावेदार थे लेकिन नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दौर में एक दूसरे सुमित जोशी ने भी पर्चा दाखिल कर दिया। एक ही नाम के दो प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से परिसर प्रशासन के सामने दोनों के बीच पहचान का संकट खड़ा हो गया। मामले के समाधान के लिए दोनों प्रत्याशियों के नाम के साथ उनके पिता का नाम दर्ज करने पर सहमति बनी और इसी आधार पर मतदान कराया गया। नतीजे आए तो पहले नामांकन करने वाले सुमित जोशी पुत्र हेमंत जोशी को महज एक वोट से हार का सामना करना पड़ा जबकि दूसरे सुमित जोशी पुत्र चंद्रशेखर जोशी को 51 वोट मिले। परिणाम घोषित हुआ तो एक वोट से पराजित होने पर सुमित जोशी के समर्थकों ने इसे राजनीति के भद्दे दांव का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इस बीच सुमित जोशी और भाष्कर जोशी के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने बीच बचाव कर मामले को शांत किया। समर्थकों ने इस पर से री-काउंटिंग करने की मांग उठाई। इसके बाद परिसर प्रबंधन ने री-काउंटिंग शुरू की तो समर्थकों का गुस्सा शांत हुआ। देर रात लॉटरी सिस्टम से हुए फैसले में सुमित जोशी विजेता रहे।
एनएसयूआई और एबीवीपी समर्थकों के बीच भी झड़प
छात्रसंघ चुनाव में मतदान के दौरान परिसर गेट के बाहर एनएसयूआई और एबीवीपी समर्थकों के बीच भी झड़प भी हुई। हालांकि पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों संगठनों के समर्थकों को समझा बुझा कर किसी तरह मामले को शांत किया।