वीएल मधुरिमा (एफएससीएच 144)। संवाद
विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) ने मक्का की दो नई प्रजातियां विकसित की हैं। इनके नाम हैं वीएल वीटा (एफपीवीएच 1) और वीएल मधुरिमा (एफएससीएच 144)। दोनों उच्च प्रो-विटामिन से युक्त हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर भी हैं।
वीपीकेएएस के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि दोनों प्रजातियों की फसल 95 से 100 दिन में तैयार होगी। वीएल वीटा में प्रोविटामिन-ए की मात्रा 7.48 माइक्रो प्रति ग्राम है। पर्वतीय क्षेत्रों में इसकी औसत उपज 7,167 किग्रा प्रति हेक्टेयर होगी। वीएल मधुरिमा की औसत उपज 10,513 किग्रा प्रति हेक्टेयर रहेगी। इससे उपयोग से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
यह होगा फायदा: ये प्रजातियां सामान्य रूप से पूरे देश में मक्का की प्रजातियों की विविधता बढ़ाएंगी। किसानों को मक्के की प्रजातियों के चुनाव के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे।
ये हैं विशेष गुण
प्रोविटामिन-ए मक्का में अन्य प्रजाति की अपेक्षा 3-4 गुना अधिक प्रोविटामिन-ए होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार भी है।
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- मक्का की नई प्रजातियां पूरे देश में प्रचलित इसकी प्रजातियों की विविधता को बढ़ाएंगी। किसानों को प्रजातियों के चुनाव के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में इसके व्यापक विस्तार से किसानों को लाभ मिलेगा।
-डॉ. लक्ष्मीकांत, निदेशक वीपीकेएएस, अल्मोड़ा।