अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा है कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के अंतर्गत पंद्रह वर्ष के लिए जिले के विकास का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। भौगोलिक परिस्थितियों का आंकलन कर राज्य और जिला योजनाओं के माध्यम से ग्राम पंचायतों के सतत विकास किया जाना है। डीएम विकास भवन सभागार में एसडीजी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सेक्टर और जिला योजना से सीधे ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ना है। जिसमें शिक्षा, चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देना है। जिसके लिए 29 विषयों पर ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान संख्या निदेशालय के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया है।
नियोजन विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पंत ने कहा कि योजना में ग्रामीण क्षेत्र की जरूरत के साथ वहां की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, एससी, एसटी, विकलांग, यूथ, कृषि, सिंचाई, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार की स्थिति आदि का आकलन कर रोडमैप तैयार होगा, जिससे योजना बनाने में आसानी होगी। उद्यान, वन, पर्यावरण के लिए जीआईएस मैप की सुविधा ली जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य रोजगार के साधनों का चिन्हीकरण, गरीबी समाप्त करना, पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक असमानता कम करना, नवाचार कार्यक्रम, सभी के लिए न्याय, जीवन स्तर में सुधार, महिलाओं को सशक्त बनाना, साफ पानी,स्वच्छता, हर हाथ को काम, मजबूत बुनियादी ढांचा बनाना, समावेशी और टिकाऊ औद्योगिकीकरण की प्रोत्साहन देना है।
देहरादून से आए नितिन कौशिक और रंजन बोरा ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अधिकारियों के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर डीडीओ केके पंत, अर्थ एवं संख्याधिकारी जीएस कालाकोटी, एनआरडीएमएस के प्रो. जीएस रावत, अपर संख्याधिकारी उदित वर्मा, बृजपाल सिंह, कौशल शाह, कुंदन लाल आदि उपस्थित थे।
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फोटो- विकास भवन सभागार में सतत विकास लक्ष्य कार्यशाला को संबोधित करते डीएम नितिन सिंह भदौरिया। (फाइल नं. 16एएलएम14पी