सल्ट विकासखंड के मानिला क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पेयजल संकट दूर नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को मानिला-रामनगर मोटर मार्ग पर खाली बर्तनों के साथ जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने जल संस्थान और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। इस दौरान इस मार्ग से गुजर रहे सल्ट के तहसीलदार प्रताप राम का वाहन भी जाम में फंस गया। जल संस्थान के एसडीओ ने फोन पर प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने 15 दिन में आश्वासन पूरा नहीं होने पर नौला स्थित जल निगम दफ्तर में धरना देने का एलान किया।
मानिला क्षेत्र के टिटोली, सकणना, कुलहील, सदर बाजार, क्वैरला, संसारी, तालों, फैना, नैल समेत कई गांवों में पानी की किल्लत चल रही है। पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को मानिला-रामनगर मोटर मार्ग पर जाम लगा दिया।
जाम लगने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान सल्ट के तहसीलदार प्रताप राम स्याल्दे विकासखंड की तरफ जा रहे थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाया, लेकिन वह नहीं माने। इस पर तहसीलदार ने जल संस्थान के एसडीओ मनोज डंगवाल को सूचना दी। जल संस्थान के एसडीओ मनोज डंगवाल ने फोन पर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सदर बाजार में खराब पड़े हैंडपंप को बदलने, पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में टैंकर से पानी वितरित करने का आश्वासन दिया। एसडीओ के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने मानिला-बरकिंडा पंपिंग योजना से जलापूर्ति करने की मांग की है। कहा कि यदि 15 दिन के भीतर एसडीओ द्वारा दिया गया आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो नौला स्थित जल निगम कार्यालय में धरना शुरू कर दिया जाएगा। जाम लगाने वालों में प्रधान महिपाल अस्वाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष राधा देवी धौलाखंडी, रमेश नैल्वाल, मोहन बंगारी, बालम गिरी, महेश नैल्वाल, बाला दत्त नैल्वाल, गंगा देवी, बबीता असवाल, ममता तिवारी, हेमा नैनवाल, दीपा नैल्वाल, सोनू तिवारी, दिनेश नैल्वाल, पुष्कर असवाल, दिनेश धौलाखंडी आदि शामिल थे।