रानीखेत (अल्मोड़ा)। शहीद मेजर महेश सती (शौर्य चक्र) के गांव सिंवाली को जोड़ने वाले चौबटिया-नागपानी-देहोली मोटर मार्ग निर्माण में एनओसी के बावजूद अड़ंगा लगने का मामला तूल पकड़ गया है। आक्रोशित तीनों गांवों के ग्रामीणों ने झूला देवी मंदिर के आगे सड़क पर धरना दिया और चार घंटे तक चक्काजाम कर दिया। इस दौरान सेना के अलावा आम नागरिकों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कहा कि पहले सेना की तरफ से एनओसी दे दी थी, लेकिन अब अडंगा लगाया जा रहा है। बारिश में भी छाता लेकर महिलाएं सडक पर डटी रहीं। चार घंटे बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
शनिवार को झूलादेवी चेक पोस्ट पर सड़क निर्माण को जा रही जेसीबी को आगे नहीं बढ़ने दिया गया था। जिससे ग्रामीण गुस्से में थे।
सोमवार को सिंवाली, कालनू, देहोली के ग्रामीण झूलादेवी में एकत्रित हुए और सड़क पर बैठकर धरने के साथ ही चक्काजाम शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण में 200 मीटर सैन्य भूमि जो आड़े आ रही है, वहां से सड़क नहीं बननी है।
पूर्व कैंट सभासद उमेश पाठक ने कहा कि पूर्व में सेना से एनओसी भी मिल चुकी थी, लेकिन अब फिर से अड़ंगा लगाया जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य धन सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीण छह से नौ किमी की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, जबकि सिंवाली गांव शहीद मेजर महेश सती का गांव है, वह भी मोटर मार्ग से वंचित है। वहां छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, गिरीश भगत, पूर्व जिपंस विमला रावत, प्रधान कुंदन सिंह, गंगा देवी, कलावती फर्त्याल, मोहन राम, प्रदीप कुमार, मोहन सिंह, नंदन सिंह, कंदन सिंह, महेंद्र बिष्ट, ललित सिंह आदि मौजूद थेे।